बीकानेर

एमजीएम माइनर टूटा, खेतों में भरा पानी

bikaner news- इन्दिरा गांधी मुख्य नहर से निकलने वाली आरजेडी नहर का रोजड़ी एमजीएम माइनर रविवार सुबह ओवरफ्लो होने से टूट गया। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया।
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Sep 30, 2019
MGM minor broken, water filled in fields chatrgarh bikaner
एमजीएम माइनर टूटा, खेतों में भरा पानी

छत्तरगढ़. इन्दिरा गांधी मुख्य नहर से निकलने वाली आरजेडी नहर का रोजड़ी एमजीएम माइनर रविवार सुबह ओवरफ्लो होने से टूट गया। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया। इससे खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार अलसुबह तीन बजे आरजेडी नहर का रोजड़ी एमजीएम माइनर में वन विभाग की लापरवाही के चलते नहर किनारे खड़े पेड़ गिरने से माइनर ओवरफ्लो होकर टूट गया। माइनर में भारी कटाव आने से आसपास के खेतों में पानी भर गया।

माइनर में आए कटाव की सूचना किसानों ने तत्काल विभागीय अधिकारियों को दी। इसके बावजूद विभाग की ओर से सुबह दस बजे तक इसे पाटा नहीं जा सका। इसके पीछे बरसात को होने कारण बताया गया है। किसान कमल यादव, मिठू सिंह आदि ने बताया कि शनिवार रात माइनर की आरडी 6 व 7 के बीच करीब माइनर में करीब 10-15 फीट का कटाव आ गया और सुबह तक यह बढ़कर करीब 200 फीट हो गया। इससे पास खेत में दो-दो फीट पानी भर गया। कटाव की सूचना देने के करीब सात घंटे बाद सिंचाई विभागीय अधिकारियों नहीं पहुंचे। छत्तरगढ़ अधिशासी अभियंता संजीव वर्मा, सहायक अभियंता विपिन चौधरी व प्रवीण कलेर सहित अन्य अधिकारी करीब दस बजे मौका स्थिति पर पहुंचे और आरजेडी नहर को आरडी 507 हैड से पानी बंद करवा व किसानों की सहायता से मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया। इस दौरान किसानों ने सिंचाई विभाग अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई।

किसानों ने अपने स्तर पर पाटा

आरजेडी नहर के मीरगढ़ माइनर के चक दो एमजीएम में आए करीब 200 फीट के कटाव को दुरस्त करने के लिए किसानों ने अधिकारियों के आने से पहले काम शुरू कर दिया लेकिन बरसात का दौर ज़ारी रहने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। किसानों ने बताया कि इससे पहले भी इसी स्थान से नहर दो बार टूट चुकी है।

फसल का नुकसान

माइनर के पास के किसान कमल यादव ने बताया कि नहर में कटाव से उसकी नरमे और ग्वार की पकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। नवरात्र से फसल चुगाई और कटाई शुरु होनी थी।

कचरे के कारण टूटी नहर

आरजेडी नहर के मीरगढ़ माइनर में कटाव होने की सूचना रविवार अलसुबह करीब तीन बजे मिलने पर विभाग के सुपरवाइजर को मौके पर भेज दिया था। नहर टूटने का मुख्य कारण पानी में बहकर कचरे का आना है। विभाग के पास कर्मचारी का अभाव है। इससे शीघ्र राहत कार्य नहीं हो पाया। नहर दुरस्त करने के काम में बारिश के कारण भी देरी हुई है।

संजीव वर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग छत्तरगढ़

Published on:
30 Sept 2019 06:38 am