
उपलब्धि : एमजीएसयू समयबद्ध शिक्षा सत्र पूरे करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय
420 महाविद्यालयों के 4 लाख विद्यार्थियों की ली थी परीक्षा
बीकानेर. प्रदेश में इस साल महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) ने अकादमिक विषयों की सभी 109 कक्षाओं के परीक्षा परिणाम सबसे पहले घोषित कर दिए, जबकि प्रदेश के सालों से स्थापित नामी और साधन-संसाधन सम्पन्न विश्वविद्यालय अभी तक केवल 10 से 20 प्रतिशत कक्षाओं के ही परीक्षा परिणाम जारी कर पाए हैं। विश्वविद्यालय ने यह सफलता परीक्षा परिणाम को तैयार करने के लिए नई तकनीक अपनाकर हासिल की है। इससे उत्साहित विश्वविद्यालय प्रशासन अब कुछ और नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। परीक्षा परिणाम समय पर घोषित होने से विद्यार्थियों को अन्य प्रदेशों में उच्च शिक्षा या डिग्री-डिप्लोमा में प्रवेश लेने का मौका मिल जाता है।
प्रदेश में राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर सहित अन्य विवि काफी पुराने हैं, इसके बावजूद उन्होंने सभी परिणाम जारी नहीं किए हैं। वहीं बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की स्थापना 2003 में ही हुई है। इतने कम समय में ही इस विवि ने बेहतर परिणाम दिए हैं। विश्वविद्यालय ने पिछले साल भी 30 जून तक प्रदेश में सबसे पहले परीक्षा परिणाम घोषित किए थे।
सात जून तक घोषित किए परिणाम
एमजीएसयू ने सत्र-2019 में करीब 420 महाविद्यालयों के लगभग 4 लाख परीक्षार्थियों की समय पर परीक्षा करवाकर 7 जून तक सभी कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। विवि ने सीमित संसाधन व सीमित कर्मचारियों के बावजूद जल्दी परिणाम घोषित किए हैं। इससे विद्यार्थी आगामी कोर्स करने के लिए सोच सकेंगे। पहले विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम जून के अंतिम सप्ताह व जुलाई तक घोषित होते थे, जिससे विद्यार्थियों को नए कोर्स के लिए सोचने का समय नहीं मिलता था। परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस खीचड़ ने बताया कि परीक्षा कार्यों में कुशल प्रबन्धन, नियोजन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग से यह उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री, विश्वविद्यालय कुलपति एवं कुलसचिव ने सभी कार्मिकों की सराहना की।
पहले पांच चरण तय करने होते थे
पहले पांच चरणों में काम के बाद परीक्षा परिणाम जारी होता था। इसमें परीक्षा समाप्त होने के बाद विवि परीक्षा केन्द्रों से बंडल उठाना पड़ता था। फिर उन्हें विवि में एकत्र कर बार कोडिंग करवाई जाती। इसके बाद शिक्षक को जांच के लिए सेंटर पर भेजना व वहां पुन: मंगवाना होता था। विवि से अधिकृत फर्म को यह नंबर भेजे जाते थे।
इस साल बनाया सॉफ्टवेयर
इस साल एमजीएसयू ने एक नया सॉफ्टवेयर बनाया है। इसमें शिक्षकों ने अपने केन्द्रों से ही उत्तर पुस्तिकाएं जांचकर ऑनलाइन नंबर भर दिए। इसके लिए शिक्षकों को विवि ने आइडी व पासवर्ड दिया हुआ था। इससे विवि को उत्तरपुस्तिका की जांच के बाद तुरंत विद्यार्थियों के नंबर मिल गए और परीक्षा परिणाम जल्दी जारी कर दिया गया। सॉफ्टवेयर से ववि का समय और श्रम की बचत हुई है।
प्रदेश में ये हैं नामी विश्वविद्यालय
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, अजमेर
कोटा विश्वविद्यालय, कोटा
मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय, उदयपुर
शेखावटी विश्वविद्यालय, सीकर
टेक्नोलॉजी का उपयोग
विश्वविद्यालय ने कम संसाधनों और नई टेक्रॉलॉजी के उपयोग से सबसे पहले परीक्षा परिणाम जारी किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कार्मिकों की सराहना करनी चाहिए।
प्रो. भागीरथ सिंह बिजारणिया, कुलपति, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर।