
नोखा. मुकाम गांव में आसोज माह के तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ रविवार से हुआ। बिश्नोई समाज के लोगों ने गुरु जम्भेश्वर की समाधि पर धोक लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सोमवार को अमावस्या पर मुकाम मेला परवान पर होगा। इस दौरान मंदिर परिसर में बने विशाल हवन कुंड में घी-खोपरे की आहूति देकर पर्यावरण शुद्धि यज्ञ में योगदान भी देंगे। मेले में सभी तरह की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई है।
व्यवस्थाओं का जायजा लेने रविवार को एएसपी डॉ. लालचंद कायल, नोखा सीओ संजना सैनी, कोलायत सीओ गणपत सिंह भाटी, श्रीडूंगरगढ़ सीओ रामनिवास मीणा, एसएचओ मनोज शर्मा भी मुकाम पहुंचे। उन्होंने मेले के दौरान असमाजिक तत्वों पर निगरानी रखने, शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई तरह के निर्देश भी दिए।
मेले में यह हस्तियां करेंगी शिरकत
मुकाम में भरने वाले मेले के दौरान शाम ४ से ७ बजे तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का खुला अधिवेशन होगा। इसमें बिश्नोई समाज सुधार व उत्थान पर खुली चर्चा कर कार्ययोजना बनाई जाएगी। अधिवेशन में अभा बिश्नोई महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई, राजस्थान खादी बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई, फलौदी विधायक पबाराम बिश्नोई, गुढ़ामालानी विधायक लादूराम बिश्नोई, भाजपा नेता बिहारी लाल बिश्नोई सहित समाज की कई हस्तियां भाग लेंगी।
राजनीतिक मंच नहीं होगा
इस मेले में लाखों की तादाद में बिश्नोई समाज के लोग एकत्रित होते है। चुनावी माहौल को देखते हुए बिश्नोई महासभा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि यहां पर किसी भी नेता को राजनीतिक मंच उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। यह समाज विशेष का कार्यक्रम है, यहां पर सिर्फ जाम्भोजी महाराज की समाधि पर धोक लगा सकते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र को खत्म करने पर आमादा सरकारें
बीकानेर. होटल एवं रेस्टोरेन्ट कर्मचारी यूनियन (एटक) का सम्मेलन रविवार को लालगढ़ पैलेस परिसर स्थित यूनियन के कार्यालय में आयोजित किया गया। इसमें एटक के उप महासचिव रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकारें मजदूर एवं किसान विरोधी हैं।
उन्होंने रोडवेज व राज्य कर्मचारियों के आंदोलन का उदाहरण दिया।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश व्यास ने कहा कि सरकारें शिक्षा, चिकित्सा सहित सार्वजनिक क्षेत्र को खत्म करने पर आमादा है। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष प्रसन्न कुमार, अब्दुल रहमान कोहरी, भंवरसिंह, मोहम्मद अयूब, शिवलाल भादाणी, किशनाराम रायका, महेन्द्रसिंह भाटी, सरजू गहलोत, श्रवणसिंह आदि ने विचार रखे। इस दौरान 20 सदस्यों की कार्यकारिणी का गठन किया गया।