
बीकानेर. आमजन के लिए परेशानी का सबब बने आवारा गोधों को पकडऩे के लिए शहर की दो स्वयंसेवी संस्थाओं और भाजपा पार्षदों ने पहल की है। संस्थाएं और पार्षद सड़कों पर घूम रहे २१०० सांड पकड़ेंगे और गोशालाओं में भिजवाएंगे। निगम उप महापौर अशोक आचार्य ने मंगलवार को रानीबाजार क्षेत्र स्थित एक होटल में पत्रकारों को बताया कि निराश्रित पशुओं की समस्या से आमजन परेशान है।
लोग आए दिन चोटिल हो रहे है। स्वयंसेवी संस्थाओं और भाजपा पार्षदों ने शहर को निराश्रित पशुआंे से मुक्त करने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि गोधे पकडऩे में रामलाल सूरजदेवी ट्रस्ट और मस्त मंडल सेवा संस्थान सहयोग करेंगे। दो-तीन दिन में यह काम शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य के लिए भाजपा पार्षद एक माह का भत्ता भी सहयोग के रूप में देंगे। गोधों को जयमलसर और गाढ़वाला स्थित गोशालाओं में छोड़ा जाएगा।
सवालों में घिरे पार्षद
भाजपा पार्षद प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकार, निगम में बोर्ड होने के बाद भी निराश्रित पशुओं की समस्या के समाधान के उचित प्रयास नहीं कर पाने को लेकर पत्रकारों के सवालों से घिरे रहे। शहर में हजारों निराश्रित पशु होने के बावजूद महज २१०० निराश्रित गोधे पकडऩे के सवाल का जवाब देने से भी पार्षद बचते नजर आए।
हालांकि पार्षद निगम और महापौर की विफलता को स्वीकार करने से बचते रहे, लेकिन इशारों में कह दिया कि समस्या का समाधान हो जाता तो भाजपा पार्षदों को धरना, अनशन और घेराव नहीं करना पड़ता। इस दौरान भाजपा पार्षद राजेन्द्र कुमार शर्मा, भगवती प्रसाद गौड़, श्याम सुन्दर चांडक, मोहम्मद ताहिर, गिरिराज जोशी, जगदीश सोलंकी, जमनलाल गजरा, पंकज गहलोत, शंभू गहलोत, मधुसूदन शर्मा, ओमसिंह राजपुरोहित, आनन्द सोनी तथा संस्थाओं की ओर से विजय मालू, पूनम चौरडि़या आदि मौजूद रहे।
महापौर-पार्षदों में खींचतान
&महापौर और भाजपा पार्षदों में चल रही खींचतान का खमियाजा शहर की जनता भुगत रही है। शहर में हजारों निराश्रित सांड हैं, लेकिन महज २१०० सांड पकडऩे की घोषणा भाजपा पार्षदों की नौटंकी है। भाजपा सांडों के नाम पर राजनीति कर रही है। यह जनता के साथ धोखा है। लोग सांडों से घायल हो रहे है, आत्महत्या तक कर रहे है। इस पर राजनीति नहीं, काम होना चाहिए।
जावेद पडि़हार, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम बीकानेर