bikaner news - New education policy will bring changes in English teaching
बीकानेर.
नवीन शिक्षा नीति अंग्रेजी शिक्षण में बदलाव लाएगा। अंग्रेजी शिक्षण को हमें अपनी आवश्यकता के अनुरूप परिवर्तित करने की आवश्यकता है। हमें भारत में अंग्रेजी के प्रचलित विभिन्न स्वरूपों हिंगलिश, आंइगलिश, तमंलिश को अपनाना होगा। तभी हम अंग्रेजी के माध्यम से भारतीयता को अभिव्यक्त कर पाएंगे।
यह बात शुक्रवार को हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसडी शर्मा ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग द्वारा आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं भारत में अंग्रेजी अध्ययन का भविष्य विषयक आनलाइन सेमिनार के समापन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में कही। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि हरिसिंह गौर, विश्वविद्यालय सागर की प्रो. निवेदिता मैत्रे ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति बहुभाषावाद को प्रोत्साहित करती है, अत: अंग्रेजी अध्यापन का महत्व कम होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।
इससे पूर्व हुए तकनीकी सत्र में इलाहबाद विश्वविद्यालय के प्रो एसके शर्मा, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के प्रो. उम्मेद सिंह, हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज कुमार ने विचार व्यक्त किए। सेमिनार के निदेशक एवं अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. एसके अग्रवाल ने बताया कि अंग्रेजी विभागों को अब हमें स्कूल आव कल्चरस एवं लैंग्वेजज में बदलना होगा, जिसकी तैयारी महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय द्वारा प्रारम्भ कर दी गई है। समापन सत्र का संचालन अंग्रेजी की सहायक आचार्य संतोष कंवर शेखावत ने एवं तकनीकी सत्र का संचालन सहायक आचार्य डॉ. सीमा शर्मा ने किया।