परिवहन विभाग का आदेश: 1 अप्रेल 2019 से पहले खरीदे वाहनों पर भी लगेगी। यदि किसी वाहन पर यह नंबर प्लेट नहीं लगी मिली तो उसका चालान किया जाएगा।
एक अप्रेल 2019 से पहले खरीदे वाहनों में अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी वाहन पर यह नंबर प्लेट नहीं लगी मिली तो उसका चालान किया जाएगा। वाहनों में ट्रक, कार, बाइक, ट्रैक्टर एवं ऑटो को शामिल किया गया है।
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी बीकानेर राजेश शर्मा ने बताया कि वाहन स्वामी पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए एसआईएएम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिला परिवहन अधिकारी भारती नैथानी ने बताया कि अप्रेल 2019 से पहले उपलब्ध नंबर प्लेटों के साथ छेडछाड करना आसान था। उन्हें आसानी से हटाया और बदला जा सकता है। वाहन चोरी के बाद पंजीकरण नंबरों को बदल दिए जाते थे। इससे अधिकारियों के लिए वाहन को ट्रैक करना मुश्किल होता है।
एचएसआरपी नंबर प्लेट आने से कार चोरी के मामलों में कमी आई है। नैथानी ने बताया कि हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल एक बार ही प्रयोग की जा सकती है। बदलने के लिए हिंज को काटना पड़ता है। नई नंबर प्लेट से ट्रैफिक पुलिस का भी काम आसान हो गया है।
नंबर प्लेट लगवाने के लिए यह प्रक्रिया
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए पोर्टल पर वाहन मालिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चैसिस नंबर दर्ज करना होगा। प्लेट लगवाने के लिए डीलर और डेट बुक कर सकेंगे। ऑनलाइन फीस जमा करवाने पर बुकिंग कन्फर्म हो जाएगी। निर्धारित तिथि को डीलर के कार्यालय जाकर प्लेट लगवा सकेंगे।
नम्बरों के आधार पर समय सीमा
पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगवाने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसमें जिन वाहनों के पंजीयन क्रमांक का अंतिम अंक 1 अथवा 2 है, उन्हें 29 फरवरी तक प्लेट लगवानी है।
जिनके पंजीयन क्रमांक का अंतिम अंक 3 अथवा 4 है, वह 31 मार्च तक, जिनके अंतिम अंक 5 अथवा 6 है, वह 30 अप्रेल तक तथा जिनके पंजीयन क्रमांक का अंतिम अंक 7 अथवा 8 है, वह 31 मई तक प्लेट लगवा सकते है।इसी तरह पंजीयन क्रमांक 9 अथवा 0 वाले वाहनों के मालिक 30 जून तक एचएसआरपी प्लेट लगवा सकते है।
देना पड़ेगा यह शुल्क
डीलर दुपहिया वाहन के 425 रुपए, तिपहिया वाहन के 470 रुपए, चौपहिया वाहन के 695 रुपए, मध्यम एवं भारी मोटर यान के 730 रुपए, ट्रैक्टर एवं कृषि कार्य वाहन के 495 रुपए शुल्क के रूप में ले सकेंगे। नंबर प्लेट के लिए परिवहन विभाग की तय दरों से अधिक राशि डीलर्स नहीं ले सकते। यदि कोई ऐसा करें तो परिवहन विभाग को इसकी शिकायत की जा सकती है। जिस पर ऐसे डीलर पर कार्रवाई की जाएगी।