बीकानेर

रेलवे की तैयारी : मशीन से धुलेंगे कोच, नया संयंत्र जल्द शुरू होगा

धुलाई के बाद भी काम आएगा पानी  
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Preparation of Railway: Coach will be washed with machine, new plant w
रेलवे की तैयारी : मशीन से धुलेंगे कोच, नया संयंत्र जल्द शुरू होगा

नए प्लांट का किया परीक्षण

बीकानेर. रेलवे स्टेशन परिसर की वाशिंग लाइन में लगाए गए अत्याधुनिक धुलाई संयंत्र से निकलने वाला पानी दोबारा काम में लिया जाएगा। इसके लिए अलग से उपकरण लगाए जा रहे हैं, जहां पानी को री-साइकिल (पुन: शोधन) कर धुलाई के उपयोग में लिया जाएगा। जल्द ही इस प्लांट का परीक्षण किया जाएगा। अत्याधुनिक धुलाई संयंत्र का परीक्षण पहले ही किया जा चुका है। इसमें प्रायोगिक तौर पर ट्रेन चलाकर उसकी धुलाई की गई। अब जल्द इसे शुरू किया जाएगा। रेलवे में इसकी तैयारी चल रही है। अत्याधुनिक कोच धुलाई संयंत्र शुरू होने बाद ट्रेन के डिब्बों की बाहर से धुलाई करने के लिए कर्मचारियों की दरकार नहीं होगी। अत्याधुनिक मशीन में लगे ब्रश ट्रेन के कोच के दोनों तरफ चलते रहेंगे, इसके बीच से ट्रेन धीमी रफ्तार से गुजरेगी। इससे कोच के दोनों तरफ स्वत: धुलाई हो जाएगी।

महज १५ से २० मिनट का समय
नए संयंत्र में ट्रेन की बाहर से धुलाई में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। संयंत्र के निर्माण पर 2 करोड़ 21 लाख रुपए से अधिक की लागत आई है। बीकानेर के बाद श्रीगंगानगर में भी अत्याधुनिक धुलाई संयंत्र लगाया जाएगा। वर्तमान में ट्रेन के कोच की धुलाई का कार्य कर्मचारी करते हैं। एक ट्रेन में 22 से 24 कोच होते हैं। इसको अंदर और बाहर से धुलाई करने में फिलहाल छह घंटे लगते हैं। एक कोच की बाहर से धुलाई करने में करीब आधे घंटे का समय लगता है।

ट्रायल हो चुका
आधुनिक धुलाई संयंत्र का ट्रायल किया जा चुका है। इसके सुचारू होने के बाद कोच धुलाई में समय की बचत होगी। साथ ही पानी का भी दोबारा उपयोग किया जाएगा। इसका प्लांट भी लगाया जा रहा है। वाशिंग लाइन के समीप दो लाइनों पर संयंत्र लगाए गए हैं, जो जल्द ही शुरू किए जाएंगे।
अनिल कुमार दुबे, मंडल रेल प्रबंधक, बीकानेर

Updated on:
03 Apr 2019 10:43 am
Published on:
03 Apr 2019 10:43 am