बीकानेर

पुष्करणा समाज युवक-यवती परिचय सम्मेलन, बड़ी संख्या में आए प्रवासी

बीकानेर.पुष्करणा समाज के युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन शनिवार को किराड़ूओं की बागेची में आयोजित किया गया।

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पुष्करणा समाज युवक-यवती परिचय सम्मेलन, बड़ी संख्या में आए प्रवासी

बीकानेर.पुष्करणा समाज के युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन शनिवार को किराड़ूओं की बागेची में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बीकानेर के अलावा नागौर, जोधपुर, फलौदी, पोकरण, मुम्बई सहित विभिन्न शहरों में प्रवास कर रहे पुष्करणा समाज के लोगों ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में समाज के 325 युवक-युवतियों का पंजीयन हुआ। कार्यक्रम में शामिल हुए वक्ताओं ने एकजुटता का आह्वान किया। साथ कुरीतियों का त्याग करने की भी बात उठाई। मुम्बई पुष्करणा समाज संस्था पीवीएस के महामंत्री श्रीगोपाल पुरोहित ने कहा कि आज इस तरह के समारोह की समाज को जरुरत है। साथ ही यह भी महत्पूर्ण है कि सभी कंधे से कंधा मिलाकर चलना है। समाज के प्रति समर्पित भाव होना जरूरी है। राजस्थान हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने कहा कि संगठन में ही शक्ति है। समाज के विकास के लिए शिक्षा सबसे अमूल्य विधि है।

रामकिशन आचार्य ने कहा कि भले ही अन्य क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न कार्य करें लेकिन जहां बात समाज की आती है, वहां सभी को एक झंडे के नीचे आना ही पड़ेगा, तभी समाज आगे बढ़ेगा। जनार्दन कल्ला ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने इस तरह के आयोजन की महत्ता बताई। कार्यक्रम में संत लाल बाबा, कर्मचारी नेता महेश व्यास, पंडित मक्खन शास्त्री, समाज सेवी राजेश चूरा, नंद किशोर पुरोहित, अमरचंद व्यास ने विचार रखे। किशन पुरोहित, रोहित बोडा व गणेश कलवाणी ने संचालन किया। आयोजन को लेकर श्याम सुंदर पुरोहित, स्नेह प्रकाश, नरेश जोशी, ओमप्रकाश सहित गणमान्य लोगों ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में बालिकाओं ने नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया।

सावे की समझे महत्ता
वर्तमान समय में समाज को सामूहिक विवाह समारोह की महत्ता को समझना चाहिए। आज बीकानेर पुष्करणा समाज यह प्राचीन परम्परा आज भी कायम है, इससे बड़ी उपलब्धि ओर क्या हो सकती है। जहां मितव्ययता का संदेश साकार है। लेकिन कुरीतियों को समाज से त्यागने के लिए शिक्षा जरूरी है।

रणजीत जोशी, जोधपुर प्रवासी

परम्परा संजोए है
बीकानेर में अगले माह 21 फरवरी को पुष्करणा समाज का सामूहिक विवाह समारोह होने जा रहा है, इसमें समाज के लोगों को अधिकाधिक भागीदारी निभानी चाहिए। यह परम्परा बीकानेर में आज भी संजोए हुए है।

श्रीगोपल पुरोहित, मुम्बई प्रवासी

Updated on:
12 Jan 2019 08:23 pm
Published on:
13 Jan 2019 03:36 am
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