बीकानेर

41 साल के वनवास में फंसे ‘कन्हैया’, हैट्रिक के लिए पसीना बहा रही ‘सिद्धि’

बीकानेर. विधानसभा क्षेत्र बीकानेर पूर्व में मतदाताओं का मन टटोलने के लिए निकलने पर लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पीछे एमपी कॉलोनी रोड पर पहुंचने पर एक मेडिकल स्टोर के बाहर कुछ लोग चुनावी गुणा-भाग लगाते मिले।
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Dec 02, 2018
rajasthan election : Bikaner East Assembly
rajasthan election : Bikaner East Assembly


दिनेश स्वामी
बीकानेर. विधानसभा क्षेत्र बीकानेर पूर्व में मतदाताओं का मन टटोलने के लिए निकलने पर लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पीछे एमपी कॉलोनी रोड पर पहुंचने पर एक मेडिकल स्टोर के बाहर कुछ लोग चुनावी गुणा-भाग लगाते मिले। यहां सतपाल अरोड़ा ने चुनावी गणित बताते हुए कहा रामपुरा बस्ती के वार्ड ५७, ५८, ५९ से पिछले चुनाव में भाजपा ने ५ हजार मतों से लीड ली थी। इस बार भी यहां मतदाता बाईसा (सिद्धि को क्षेत्र के लोग इसी नाम से संबोधित करते हैं) के साथ हैं। इस पर मुश्ताक अली बोल पड़े कि २८ हजार मतदाताओं वाले रामपुरा-लालगढ़ क्षेत्र में एकमात्र डिस्पेंसरी है, उसका भी भवन नहीं और एकमात्र चिकित्सक है। आठवीं तक का स्कूल क्रमोन्नत होने के इंतजार में है।

सूरसागर की कायाकल्प कर डाली, लेकिन ख्वाजा कॉलोनी के पास पांच गुना बड़ा गंदे पानी का सूरसागर भी है। रेलवे स्टेशन की जगह को कचरे का डम्पिंग यार्ड बना रखा है। डेंगू-मलेरिया फैला और सबसे ज्यादा बीमार व मौतें इसी क्षेत्र में हुई। यह हालात बदलने के लिए मतदाता भाजपा से इतर नहीं सोचेगा क्या? तर्क सुनकर युधिष्ठिर सिंह सोढ़ा से रहा नहीं गया। वो बोले, 'सही है विधायक क्षेत्र में कम दिखाई पड़ी, लेकिन कोटे से ५५ लाख रुपए इलाके में खर्च किए हैं। पढ़े-लिखे लोग काम को देखकर वोट तय करेंगे।Ó मनोहर सिंह व श्योक्त समेजा ने कहा कि सीवर लाइन के लिए सड़कें खोद डाली। दस साल से यह काम लटक रहा है, सो लोगों में नाराजगी है। यहां से आगे मुक्ताप्रसाद नगर के सेक्टर एक से पांच तक का दौरा किया तो करीब ४५०० वोटरों वाले इस इलाके में भाजपा भारी पड़ती दिखी। वहीं शनि मंदिर के बाहर बैठे मिले रतन सिंह ने रामपुरा और लालगढ़ क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बराबरी का होने के पक्ष में तर्क दिए।

जम्भेश्वर मंदिर के बाहर चौक पर बैठे रामनारायण बिश्नोई ने ताजा बनी इंटरलॉकिंग सड़क दिखाते हुए कहा कि यहां काम हुए हैं। सिद्धि बाईसा क्षेत्र में नहीं आई, लेकिन साफ छवि और बिना हो-हल्ला के काम करती हैं, जो हमें पसंद है। हजारीराम सियाग ने बिश्नोई समाज के चार हजार वोटों के गणित को समझाया। संकरी गलियों से गुजरते समय मिले लेखराम नाई ने कांग्रेस के झंवर के पैराशूटर होने के हव्वे की हवा निकालते हुए तर्क दिया कि नया आदमी है। सिद्धि को दो बार मौका दिया, अब दूसरे को भी आजमाने में क्या बुराई है। यहां से पूर्व विधानसभा क्षेत्र के चमचमाते सार्दुलगंज और कलक्ट्रेट, पब्लिक पार्क के आसपास के क्षेत्र में मतदाताओं को टटोला। जूनागढ़ के बाहर जूस की दुकान चलाने वाले हनुमान प्रसाद ने कहा कि पूर्व क्षेत्र में रियासतकालीन भवनों को देखो। बाईसा के परिवार को लोग कैसे भूल सकते हैं।

सूरसागर के पास से गुजरते समय नाक कपड़े से ढंकनी पड़ती थी, वे दिन कैसे भूल सकते हैं। यहां पर ही मिले करणीसिंह भी भाजपा के पक्ष में तर्क देने लगे। हनुमान हत्था में मिले राजेन्द्र सिंह ने इलाके के वोटों का गणित बताया। उन्होंने कहा कि यहां भाजपा से अलग हुए युधिष्ठर भाटी और पार्षद आदर्श शर्मा को भी वोट मिलेंगे। कांग्रेस से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरे गोपाल गहलोत को मिलने वाले वोटों का गणित भी उन्होंने अपने हिसाब से सामने रखा। गवर्नमेंट प्रेस रोड पर मकान में रहने वाली कमलेश कंवर से बात की तो उन्होंने घर लगे सिद्धि की फोटो वाले २०१९ के कैलेण्डर की तरफ इशारा कर दिया। यहां से निकल कर आगे गंगाशहर पहुंचे तो चौधरी कॉलोनी, गौतम चौक, किसमीदेसर, भीनासर के करीब २२-२५ हजार वोटरों वाले इलाके में मुकाबला कड़ा दिखा। राजेश कुमार ने कहा कि प्रचार का जोर भले कांग्रेस का है, लेकिन भाजपा के वोटर साइलेंट अटैक करेंगे।

ये भी हैं किरदार
विधानसभा क्षेत्र बीकानेर पूर्व की चुनावी महाभारत में कांग्रेस के कन्हैया का खेल बिगाडऩे के लिए गोपाल गहलोत जैसे चेहरे भी हैं। वहीं भाजपा के कुछ वोट छिटकाने के लिए युधिष्ठर भाटी, आदर्श शर्मा, हरिसिंह रासीसर जैसे किरदार भी।

लाड़-प्यार का दाव
पूर्व राजघराने की बेटी के होर्डिंग में लाड़ली बेटी के स्लोगन लिखकर जनता का प्यार पाने की जुगत बैठाई गई है। कांग्रेस के झंवर की सक्रियता से मौसम में ठण्डक के बावजूद बाईसा के पसीने छूट रहे है। झंवर पैराशूटर के तमगे से बाहर निकलने के लिए कार्यकर्ताओं की फौज, चुनाव कार्यालय में भीड़ और रात में प्रचार के लिए एलईडी वैन घुमा रहे हैं। वहीं समर्थक 'टूटी सड़कें, उड़ती धूल-पांच साल कहां था फूल' के नारे लगाते हैं।

इतिहास का आईना
वर्ष १९७7 से अब तक बीकानेर पूर्व क्षेत्र (२००८ के परिसीमन से पहले कोलायत विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा) से भाजपा भारी पड़ रही है। पहले लगातार देवीसिंह भाटी विधायक रहे, अब दस साल से सिद्धि कुमारी का कब्जा है। कांग्रेस ने इस बार कन्हैयालाल झंवर को पार्टी में लाने के साथ ही बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा। राजनीति में हर पल बदलती रंगत से अब मुकाबला रोचक बन गया है। महलों में रहने वाली भाजपा की सिद्धि पैदल घूमती नजर आती हैं।

Updated on:
02 Dec 2018 09:49 am
Published on:
02 Dec 2018 09:49 am