बीकानेर

राजस्थान का रण : फिर जीवित हुई ‘पोपाबाई’, इस बार गहलोत ने बताया पोपाबाई का राज

बीकानेर. राजस्थान की राजनीति में कई बार सुर्खियों में रही 'पोपाबाई का राज' वाला राजनीति शब्द इस बार भी चुनाव समर में आ गया है। कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे भैरोसिंह के कहने पर अशोक गहलोत को मुश्किल में डालने वाली 'पोपाबाई' शनिवार रात बीकानेर में फिर प्रगट हो गई।
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Dec 02, 2018
Rajasthan election : Former Chief Minister Ashok Gehlot in Bikaner
Rajasthan election : Former Chief Minister Ashok Gehlot in Bikaner


बीकानेर. राजस्थान की राजनीति में कई बार सुर्खियों में रही 'पोपाबाई का राज' वाला राजनीति शब्द इस बार भी चुनाव समर में आ गया है। कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे भैरोसिंह के कहने पर अशोक गहलोत को मुश्किल में डालने वाली 'पोपाबाई' शनिवार रात बीकानेर में फिर प्रगट हो गई।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर के गंगाशहर में चुनावी सभा के दौरान भाजपा सरकार के पांच साल के राज की तुलना 'पोपाबाई का राज' से कर डाली। राजनीति के जानकार बताते है कि 'पोपाबाई का राज' शब्द विधानसभा में पहली बार भैरोसिंह शेखावत ने किया था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। तब यह शब्द काफी चर्चा में रहा था। मजेदार बात यह है कि 'पोपाबाई का राज' से भावार्थ को लेकर भैरोसिंह शेखावत से भी कई बार सवाल भी किए गए थे।

बीकानेर संभाग में कांग्रेस से इस शब्द का भी पुराना नाता है। कांग्रेस सरकार के वर्ष १९९८ से २००३ के अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में उस समय के श्रीगंगानगर के दिग्गज कांग्रेसी नेता राधेश्याम गंगानगर ने एक बार 'पोपाबाई का राज' कहकर अपनी ही सरकार पर कटाक्ष कर दिया था। खुद राधेश्याम गंगानगर कई बार इस वाकया को बताते रहे है कि गहलोत के यह शब्द चुभने पर उन्हें कांग्रेस से बाहर तक होना पड़ा। पोपाबाई का राज शब्द कांग्रेस पर कटाक्ष के रूप में सामने आया था लेकिन इस बार कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की तुलना में इसका उपयोग किया है।

Published on:
02 Dec 2018 10:17 am