बीकानेर

आदर्श आचार संहिता में निजी सम्पत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने पर होगी कार्रवाई

बीकानेर. विधानसभा चुनाव के तहत कोई भी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल किसी की निजी सम्पत्ति पर प्रचार सामग्री लगाना चाहता है तो पहले सम्पत्ति मालिक से लिखित में स्वीकृति लेनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता की पालना कराने, चुनावी खर्चे की मानिटरिंग के लिए यह प्रावधान किया है।
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Oct 30, 2018
Rajasthan Election- Model Code of Conduct
Rajasthan Election- Model Code of Conduct


बीकानेर. विधानसभा चुनाव के तहत कोई भी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल किसी की निजी सम्पत्ति पर प्रचार सामग्री लगाना चाहता है तो पहले सम्पत्ति मालिक से लिखित में स्वीकृति लेनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता की पालना कराने, चुनावी खर्चे की मानिटरिंग के लिए यह प्रावधान किया है।

उन्होंने बताया कि सम्पत्ति मालिक की स्वीकृति के बाद बैनर, झंडे के खर्चे की जानकारी प्रति अभ्यर्थी रिटर्निंग अधिकारी को 3 दिन में पेश करनी होगी। शहरी क्षेत्र में निजी सम्पत्ति पर विज्ञापन नगरपालिका अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी निजी सम्पत्ति मालिकों की स्वीकृति अनिवार्य है।

न हो असुविधा
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि कोई निजी वाहन स्वामी अपने वाहन पर अपनी पंसद के किसी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी का झंडा, स्टीकर लगाता है तो उसे सावधानी रखने की आवश्यकता है कि उनके द्वारा प्रचार सामग्री लगाने से राहगीरों को कोई असुविधा तो नहीं हो रही। निजी वाहन को प्रचार के लिए काम में लेने पर प्रत्याशी द्वारा उसका ईंधन, चालक का वेतन अभ्यर्थी के व्यय लेखे में शामिल किया जाएगा।

नियमों में हो लाउड स्पीकर का उपयोग
चुनाव के दौरान वाहनों, वीडियो रथ वाहन में सक्षम अधिकारी से विधिवत अनुमति प्राप्त कर लाउड स्पीकर का उपयोग किया जा सकता हैं। लेकिन लाइड स्पीकरों का उपयोग रात: 10 से प्रात: 6 बजे तक निषिद्ध अवधि में नहीं किया जा सकेगा।

नहीं हो सकेगा परिधानों का वितरण
चुनाव प्रचार के दौरान जुलूस में कोई भी अभ्यर्थी, राजनीतिक दल टोपी, मास्क स्कार्फ आदि उपलब्ध कराता है, लेकिन रैलियों, सभाओं, जुलूसों में साड़ी, कमीज आदि परिधानों का वितरण नहीं होगा।

लेनी होगी एनओसी
राजनीतिक सभाओं के लिए सरकार, स्थानीय निकाय, उपक्रमों सहकारी संस्थाओं के मीटिंग स्थलों, हॉल, ऑडिटोरियम आदि का उपयोग राजनीतिक सभाओं के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना जरूरी होगा। कॉलेज, स्कूलों व अन्य शैक्षणिक संस्थाओं के मैदानों का चुनाव प्रचार के दौरान उपयोग करते हुए इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि किसी स्कूल या कॉलेज के शैक्षणिक सत्र पर किसी भी प्रकार का वितरीत असर न हो।

अनुपस्थित कार्मिकों से मांगा स्पष्टीकरण
विधानसभा चुनाव 2018 के मद्देनजर आयोजित मतदान कार्मिकों के प्रथम चरण के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नियुक्ति प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी अजय पिल्लेई ने बताया कि पीआरओ व पीओ प्रथम के प्रथम चरण का प्रशिक्षण राजकीय पोलिटेक्निक कॉलेज में 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित हुआ था। इन्समें कुल 4 हजार 286 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 21 पीठासीन अधिकारी और 37 मतदान अधिकारी प्रथम अनुपस्थित रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने अनुपस्थित कार्मिकों को नियमानुसार नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर उनसे एक नवम्बर को स्पष्टीकरण मांगा है।

Published on:
30 Oct 2018 10:15 am