बीकानेर

मार्च-20 तक बीएस-4 स्टैंडर्ड डीजल-पेट्रोल थ्री व्हीलर का पंजीयन

बीकानेर. बीकानेर शहर में 31 मार्च, 2020 तक भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड डीजल-पेट्रोल संचालित थ्री व्हीलर, ऑटो रिक्शा के पंजीयन व बिक्री का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के हाल ही दिए फैसले की पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
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Registration of BS-4 Standard Diesel-Petrol Three Wheeler till March
मार्च-20 तक बीएस-4 स्टैंडर्ड डीजल-पेट्रोल थ्री व्हीलर का पंजीयन

बीकानेर . बीकानेर शहर में 31 मार्च, 2020 तक भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड डीजल-पेट्रोल संचालित थ्री व्हीलर, ऑटो रिक्शा के पंजीयन व बिक्री का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के हाल ही दिए फैसले की पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संगीत लोढ़ा ने बीकानेर स्थित बालाजी ऑटोमोबाइल के ओमप्रकाश कुक्कड़ की ओर से दायर याचिका को निस्तारित करते हुए कहा कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के एमसी मेहता केस में दिए गए आदेश की पालना में थ्री व्हीलर-ऑटो रिक्शा के पंजीयन व प्रतिस्थापन को अमल में लाएं।

हालांकि कोर्ट ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के उस आदेश को यथावत रखा है, जिसमें बीकानेर शहर में थ्री व्हीलर ऑटो रिक्शा की संख्या 6000 सीमित कर दी गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजीत पुरोहित एवं अक्षय सुराणा ने कोर्ट को बताया कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने 7 फरवरी, 2018 को एक सार्वजनिक सूचना में 15 साल पुराने डीजल चलित ऑटो रिक्शा को अधिसूचित करते हुए परमिट होल्डर्स को 15 दिन में अपने मौजूदा डीजल चलित वाहन एलपीजी-सीएनजी संचालित ऑटो में प्रतिस्थापन, बदलने को कहा था। याचिका में विभाग की 15 दिसंबर, 2016 को जारी एक अधिसूचना को भी चुनौती दी गई, जिसमें ऑटो रिक्शा की संख्या 6000 सीमित करने के साथ यह शर्त भी जोड़ी गई थी कि नए परमिट उसी सूरत में दिए जाएंगे, जब वाहन एलपीजी-सीएनजी ईंधन संचालित होगा। वर्तमान डीजल व्हीकल को भी उसी सूरत में अनुमत किया जाएगा, जो एलपीजी-सीएनजी में बदलेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची की फर्म भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड के पेट्रोल-डीजल व गैस ईंधन संचालित वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री करती है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मार्च, 2017 के एमसी मेहता प्रकरण में कहा था कि एक अप्रेल, 2017 के बाद भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड के अलावा वाहनों की बिक्री व पंजीयन नहीं होगा। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद परिवहन विभाग ने 15 दिसंबर, 2016 की अधिसूचना में भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड वाहनों का पंजीयन रोक लिया, जो विधि विरुद्ध है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में एेसे डीजल वाहनों के पंजीयन पर रोक नहीं लगाई गई। कोर्ट के ध्यान में लाया गया कि हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता प्रकरण में ही एक अन्य आदेश पारित किया है, जिसमें भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड वाहनों की बिक्री व पंजीयन पर एक अप्रेल, 2020 के बाद एेसे वाहन नहीं बिक सकेंगे। कोर्ट ने विभाग की 15 दिसंबर, 2016 की अधिसूचना को ऑटो रिक्शा की संख्या 6000 सीमित रखने तक बहाल रखते हुए भारत स्टेज-4 स्टैंडर्ड वाहनों का पंजीयन व प्रतिस्थापन (बदलने) पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई एक अपे्रल, 2020 की अवधि का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

Published on:
03 Apr 2019 11:55 am