
बीकानेर. स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के ३२वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. लोकेश कुमार शेखावत ने कहा कि वैज्ञानिकों ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है। इसमें कथनी व करनी में समानता रहनी चाहिए। वे बुधवार को विवि के इंडोर स्टेडियम में बोल रहे थे। इस मौके पर लघु कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रो.शेखावत ने कहा कि विवि के कुलगीत में भावी चुनौतियों की प्रेरणा भरी हुई है। लक्ष्य लेकर आगे बढ़ा जाए तो विवि की देश में अलग पहचान हो सकती है। अकेली कृषि ही नहीं, राष्ट्रीय जीवन में कई चुनौतियां हैं। इसका कारण है कि हम कहते कुछ और करते कुछ हैं। समारोह के अध्यक्ष कुलपति प्रो. बीआर छीपा ने विवि में रिक्त पदों पर भर्ती, पादप सामग्री निर्माण, नई किस्मों का विकास, २०१५ में क्षेत्रीय कृषि मेला, कृषि संयंत्र प्रशिक्षण जैसी उपलब्धियों की तरफ इशारा करते हुए नया करने की मंशा जताई।
नि:शुल्क वेबसाइट उपलब्ध कराई
इससे पहले पूर्व कुलपति प्रो. एके गहलोत ने कहा कि कृषि विवि का क्षेत्र भले ही क्षेत्र जिलों में ही रह गया हो, लेकिन सर्वाधिक सिंचित एवं बारानी भूमि इस विवि के पास है। कृषि उत्पादकता, पशुधन और मौसमीय बदलाव भविष्य की बड़ी चुनौतियां है। महाराजा गंगासिंह विवि के कुलपति प्रोफेसर भागीरथ सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर वैज्ञानिकों का ध्यान जाना चाहिए। प्रो. बीएन पांडेय, प्रो. बलराज सिंह, प्रो. एसएल गोदारा, डॉ. एसके शर्मा ने भी विचार रखे। सात कृषि विज्ञान केन्द्रों के 21 प्रगतिशील किसानों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। किसानों के लिए उपयोगी 2 वेबसाइट नि:शुल्क उपलब्ध की गईं। 25 कृषि संबंधी लघु पत्र-पत्रिकाओं का विमोचन किया गया।
सरिता राठौड़ को मिला एक्सीलेंस अवॉर्ड
बीकानेर. बीकानेर की सरिता राठौड़ को जोधपुर में महिला सशक्तिकरण सहित सामाजिक कार्यो के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। यह अवार्ड राजस्थान के जोधपुर में राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी ने सरिता राठौड़ को एक गोल्ड मैडल और एक्सीलेंस सम्मान पत्र से सम्मानित किया। सरिता ने अनेक रिकॉर्ड बुक में शामिल होकर राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं। महिला सशक्तिकरण पर विशेष कार्य करती हैं। सरिता राठौड़ अनेक संस्थाओं से सम्मानित हो चुकी हैं।