
बीकानेर. राजकीय मोहता मूलचंद उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में संचालित तरणताल व जिम्नास्टिक सेंटर की सील गुरुवार शाम को खोल दी गई। करीब १५ दिन बाद तरणताल व जिम्नास्टिक सेंटर की सील खुलने से यहां एसडीएमसी सदस्यों व शाला क्रीडा संगम 4 प्रभारी रामेन्द्र हर्ष की मौजूदगी में प्रधानाचार्य दुर्गाशंकर पुरोहित, पार्षद नरेश जोशी व स्टाफ ने ताला खोलकर निरीक्षण किया।
इस दौरान परिसर की अन्य सभी चीजों को यथावत रखते हुए तरणताल का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान शाला क्रीडा संगम प्रभारी से तरणताल में मौजूद रजिस्टर को लेकर गहमागहमी हो गई। तरणताल का ताला खोलते ही काउंटर में पड़े एक रजिस्टर व रसीदों को क्रीडा संगम प्रभारी ने उठा लिया। इस पर सदस्यों ने एतराज करते हुए रजिस्टर व अन्य कागजात विद्यालय को सौंपने का आग्रह किया, लेकिन प्रभारी नहीं माने। इस बीच एसडीएमसी सदस्यों व प्रभारी के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। मामला बढ़ता देख क्रीडा संगम प्रभारी ने रजिस्टर व अन्य कागजात सौंप दिए। इस बारे में क्रीडा संगम प्रभारी ने कुछ भी कहने से इनकार किया है। हालांकि बाद में एसडीएमसी सदस्यों ने रजिस्टर छीनकर मामले को शांत कर दिया।
प्रधानाचार्य दुर्गाशंकर पुरोहित ने बताया कि शाला क्रीडा संगम 4 के प्रभारी ने दो दिन पहले चाबी विद्यालय को सौंप दी थी। जिसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी को दी और विद्यालय स्तर पर तरणताल व जिम्नास्टिक सेंटर के सामान का भौतिक सत्यापन करने के लिए रामपाल साहू के नेतृत्व में कमेटी बनाई। इसने तरणताल में मौजूद प्रत्येक सामान का भौतिक सत्यापन कर रजिस्टर में दर्ज किया। उन्होंने बताया कि जिम्नास्टिक सेंटर का सामान एक-दो दिन में रजिस्टर में दर्ज कर कब्जे में लिया जाएगा। उधर प्रधानाचार्य दुर्गाशंकर पुरोहित का कहना है कि तरणताल से जब्त कागजात का कमेटी व एसडीएमसी जांच कर निर्णय करेगी। उन्होंने संभावना जताई है कि कागजात में विगत दो सालों में शाला क्रीडा संगम प्रभारी ने तरणताल से प्राप्त राशि का हिसाब हो सकता है, लेकिन यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
इनकी रही मौजूदगी
तरणताल का ताला खोलने के दौरान एसडीएमसी सचिव रामपाल सहू, मदन मोहन छंगाणी, त्रिभुवन रंगा, संजय पुरोहित, सुरजा सुथार, राशि श्रीवास्तव, करणीसिंह बिठू, अरूणा बोहरा, लक्ष्मण मारू, महेश व्यास सहित एसडीएमसी के अनेक सदस्य मौजूद थे।