बीकानेर

सुरक्षा गार्ड की लापरवाही आई सामने, संप्रेषण गृह की दीवार फांदकर भागे तीन बालको को पकडऩे के लिए पुलिस ने कराई नाकाबंदी

बीकानेर. जिला मुख्यालय के राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह से गुरुवार रात तीन बालक सुरक्षा गार्डों को चकमा देकर फरार हो गए। ढाई महिनों पहले भी संप्रेषण गृह बालकों में झगड़ा होने पर सुर्खियों में आया था। इसके बाद संप्रेषण गृह की व्यवस्था को सुधारने की जरूरत महसूस की गई लेकिन फरारी की घटना ने फिर सवाल खड़े कर दिए है।
2 min read
Sep 15, 2018
Three Juvenile Offenders fleeing the wall
Three Juvenile Offenders fleeing the wall


बीकानेर. जिला मुख्यालय के राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह से गुरुवार रात तीन बालक सुरक्षा गार्डों को चकमा देकर फरार हो गए। ढाई महिनों पहले भी संप्रेषण गृह बालकों में झगड़ा होने पर सुर्खियों में आया था। इसके बाद संप्रेषण गृह की व्यवस्था को सुधारने की जरूरत महसूस की गई लेकिन फरारी की घटना ने फिर सवाल खड़े कर दिए है। बालकों के भागने की सूचना पर अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंम मच गया। पुलिस अधीक्षक को सूचना मिलने पर उन्होंने नाकाबंदी कराकर बालकों की तलाश शुरू कराई। संप्रेषण गृह की दीवार फांद कर भागे तीनों बालक संगीन अपराधों के आरोपित हैं।

पुलिस के अनुसार गुरुवार रात संप्रेषण गृह के भोजनकक्ष में सभी बालकों ने खाना खाया। इसके बाद बालक खुले में टहलने चले गए। जब वापस बैरिक में भेजा जा रहा था तब तीन बालक दीवार फांद कर भाग निकले। सुरक्षा कर्मियों ने केयर टेकर को इसकी सूचना दी। पहले तो घटना को अपने तक रखकर बालकों को पकडऩे के लिए भाग-दौड़ की लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद सदर पुलिस और संप्रेषण गृह के अधिकारियों को जानकारी दी गई। सदर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बालकों के हुलिया और निवास आदि की जानकारी जुटाई। साथ ही जिलेभर में नाकाबंदी कराई गई। घटना के २४ घंटे बाद शुक्रवार रात तक फरार बालकों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने संप्रेषण गृह के कार्मिकों से भी पूछताछ की है। सदर सीआई ऋषिराज सिंह ने बताया कि घटना में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही हो सकती है। फिलहाल हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। बालकों के लिए तीन टीमें गठित की गई है।

पहले भी गंभीर आरोप
संप्रेषण गृह से वहीं तीन बालक फरार हुए है, जिन्होंने पहले गृह में अन्य अन्य बालकों से झगड़ा किया था। तब संप्रेषण गृह के अधिकारियों की रिपोर्ट पर सदर थाना में तीनों बालाकों पर छह अन्य बालकों को घायल करने का मामला दर्ज किया गया था।

आपराधिक रिकॉर्ड
तीनों बालकों का आपराधिक रिकॉर्ड है। दो के खिलाफ भादंसं की धारा ३०२, ३२३, १४७ और एक के खिलाफ ३०८, ३४१, २३२ व ३४ आइपीसी के तहत दर्ज मामले में गृह में रखा जा रहा था।

खामियां ही खामियां
राजकीय संप्रेषण गृह में खामियां ही खामियां है। यहां बैरक में लगे सीसी टीवी कैमरों का एंगल विधि से संघर्षरत बालक बदल देते हैं। जिससे कैमरे में उनकी गतिविधियां स्पष्ट नहीं आती। बाहर लगे कैमरे को बालकों ने तोड़ दिया है। तीनों बालकों ने फरार होने की पहले से योजना बना रखी थी। तभी खाना खाने के बाद वे टहलने गए। उन्हें पता था कि इसी समय सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी बदलती है। जिसका फायदा उठाकर पहले से तय कर रखी जगह से दीवार फांदकर फरार हो गए।

कराया मामला दर्ज
'विधि से संघर्षरत बालक दीवार फांद कर फरार हो
गए। इस संदर्भ में सदर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कविता स्वामी, सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग

Published on:
15 Sept 2018 10:19 am