बीकानेर

श्रीकोलायत में दो मिनट ठहरेगी उधमपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस, लम्बे समय से चल रही मांग हुई पूरी

उधमपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के श्रीकोलायत में ठहराव की क्षेत्र के बाशिंदों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
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indian railway
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श्रीकोलायत/बीकानेर. उधमपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के श्रीकोलायत में ठहराव की क्षेत्र के बाशिंदों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस ट्रेन के श्रीकोलायत में दो मिनट ठहराव के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ की रक्षाबंधन से ठहराव शुरू किया जाएगा। वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक अभय शर्मा ने बताया कि अहमदाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस २६ अगस्त की रात ११.०१ बजे श्रीकोलाय स्टेशन पहुंचेगी।

यहां दो मिनट ठहरकर ११.०३ बजे रवाना होगी। इसी तरह से उधमपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस २७ अगस्त को दोपहर ३.५७ बजे कोलायत पहुंचेगी। यहां दो मिनट ठहरने बाद ३:५९ बजे रवाना होगी। उन्होंने बताया कि यह ठहराव प्रायौगिक तौर पर छह माह के लिए है, बाद में समीक्षा कर इसकी समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।

किया था आंदोलन
उधमपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन के श्रीकोलायत में ठहराव की मांग को लेकर लंबे अर्से से क्षेत्र के लोग प्रयासरत थे। पूर्व में प्रभातसिंह भाटी के नेतृत्व में लोगों ने आंदोलन भी किया था। इसके बाद केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने रेल के ठहराव का आश्वासन मिला था।

ट्रेनों में 'कैप्टन' ने संभाली कमान
बीकानेर. रेल यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों में रेलवे ने नई व्यवस्था के तहत 'कैप्टनÓ तैनात किए है। बीकानेर मंडल से चलने वाली सभी दैनिक व साप्ताहिक ट्रेनों में कप्तान ने कमान संभाल ली है। इससे यात्रियों को राहत मिल रही है। पूर्व में बीकानेर मंडल की दो-तीन ट्रेनों में ही यह व्यवस्था शुरू की गई थी, अब यह सभी ट्रेनों मे लागू हो गई है। वरिष्ठतम सीटीआई को ट्रेन में कैप्टन के रूप में नामित किया गया है। सभी नामित ट्रेन कप्तान लाल रंग के बैज पहन कर ड्यूटी पर रहते हैं, इससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। आरक्षण चार्ट पर उक्त कप्तान के मोबाइल नम्बर भी चस्पा रहते हैं।

समस्या का निस्तारण करा सकते हैं
ट्रेन में सफाई, सुरक्षा व संरक्षा सरीखी सुविधाएं सुचार है या नहीं, इसको लेकर यात्रियों में किसी तरह की शिकायत है तो निस्तारण कप्तान करा सकते हैं। साथ ही ट्रेन में तैनात सभी कर्मचारियों को नियंत्रित करने का अधिकार भी उनके पास है। दायित्व निर्वहन में कार्मिकों को किसी तरह की अड़चन आती है, तो उसे दूर करते हैं।

Published on:
26 Aug 2018 09:33 am