बीकानेर

अनुच्छेद 370 के विरोध में थे डॉ. आम्बेडकर : अर्जुनराम

Arjun Ram Meghwal- संसद में पास विधेयक और संशोधनों को एेतिहासिक बताया  
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Union Minister Arjun Ram Meghwal pc
अनुच्छेद 370 के विरोध में थे डॉ. आम्बेडकर : अर्जुनराम

बीकानेर. केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेछ ३७० को हटाने सहित राज्यसभा व लोकसभा में इस सत्र में पास हुए विधेयक और संशोधनों को एेतिहासिक बताया। मेघवाल ने कहा कि संविधान में अनुच्छेद ३७० के प्रावधान पर डॉ. भीमराव आम्बेडकर सहमत नहीं थे। उन्होंने इसे देश की एकता और अखण्डता के खिलाफ बताते हुए विरोध किया था।मेघवाल ने शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में १७वीं लोकसभा के बजट सत्र में हुए कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में अंतरिम सरकार के समय संसद में संविधान के जो अनुच्छेद बने, अधिकतर के प्रस्तावक डॉ. आम्बेडकर थे। संविधान के मूल ड्राफ्ट में धारा ३७० नहीं थी। एेसे में चार सदस्यों के प्रतिवेदन मंगवाए गए। कहा गया कि जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष प्रावधान होने चाहिए। तब डॉ. आम्बेडकर ने यह कहकर अनुच्छेद ३७० के लिए प्रस्तावक बनने से मना कर दिया कि यह देश की एकता और अखण्डता को तोडऩे वाला है।

जब कश्मीर के रक्षा मामले और कम्यूनिकेशन, संचार, विदेश नीति और मुद्रा के मामले भारत सरकार के अधीन है तो भारत के नागरिक को वहां बसने से क्यों रोका जाएगा। तब अंतरिम सरकार के तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के कहने पर एन गोपाल स्वामी अयंगर ने अनुच्छेद ३७० का प्रस्ताव रखा।

आजादी के बाद सर्वाधिक बिल

मेघवाल ने कहा कि आजादी के बाद १७वीं लोकसभा के इस सत्र में दोनों सदनों में सबसे अधिक ३० बिल पास किए गए हैं। इससे पहले वर्ष १९५२ में सर्वाधिक २७ बिल और १९९१ में २२ बिल पास हुए थे। इस बार के सत्र में समाज के हर वर्ग को छुआ। उपभोक्ताओं को अधिकार देने का अधिनियम १९८६ में पास किया गया। इसमें कई तरह की समस्याएं और कमियां थी। इसमें सुधार कर २०१९ एक्ट को पास किया।

बच्चों की बात करें तो पॉक्शो जैसा कानून, जिसमें फांसी की सजा होगी, वह भी इसी सत्र में पास किया गया। सामाजिक सोच रखने वाले आरटीआइ एक्ट की बात हो अथवा धारा ३७० को समाप्त करने वाला प्रस्ताव और विधेयक भी इसी सत्र में दोनों सदनों में पास हुआ है।पत्रकार वार्ता में भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य, देहता जिलाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई, अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष ओपी महेन्द्रा उपस्थित रहे।

Published on:
11 Aug 2019 07:10 am