World Earth Day 2024 : बीकानेर के नोखा में मांगीलाल बागड़ी राजकीय महाविद्यालय में पर्यावरण बचाने के लिए प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र सप्ताह में शनिवार को साइकिल से आते हैं। वल्ड अर्थ डे पर पढ़ें यह दिलचस्प स्टोरी।
बीकानेर. ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण से धरती को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियां इसका खमियाजा भुगतेंगी और हमको कोसेंगी। ऐसा न हो इसलिए मांगीलाल बागड़ी राजकीय महाविद्यालय में पर्यावरण बचाने के लिए प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र सप्ताह में शनिवार को साइकिल से आते हैं। इसमें कुछ पैदल कॉलेज आते हैं तो कुछ साइकिल से दूरी नापते हैं। इतना ही नहीं, शनिवार को बाहर से आने वाले विजिटर्स एवं अभिभावकों के लिए भी कॉलेज परिसर में वाहन प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। उनको भी वाहन कॉलेज परिसर से बाहर ही छोड़ना पड़ता है। इसके लिए कॉलेज में समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, धरती बचाओ, पौधरोपण आदि कार्यक्रमों से लोगों को जागरूक किया जाता है।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पर्यावरण प्रदूषण से मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश का प्रकोप। अफसोस कि प्रतिवर्ष विश्व पृथ्वी दिवस और विश्व प्रकृति प्रतिरक्षण दिवस महज कागजों में ही सिमट कर रह जाते हैं। लोगों में जागरूकता का अभाव इसका बड़ा कारण है।
कॉलेजमें शनिवार को डेढ़ दर्जन से अधिक सहायक आचार्य व प्रोफेसर, अशैक्षणिक कर्मचारी और सैकड़ों विद्यार्थी वाहन का मोह का त्याग साइकिल से आते हैं। प्रोफेसरों को देखकर छात्र और कर्मचारी भी ऐसा करने को प्रेरित हुए हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बढ़ावा मिल रहा है।
एमएलबी कॉलेज, नोखा के प्राचार्य डॉ.एस.एन. राजपुरोहित कहते हैं कि पर्यावरण को सुरक्षित करना किसी अकेले के बस की बात नहीं है। इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाना होगा। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए साइकिल को बढ़ावा देना होगा। सभी कॉलेजों ऐसी ही व्यवस्था हो तो बहुत कुछ बदल सकता है।