Bilaspur Corona News: कोरोना से जीतने का जज्बा सीखना हो तो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के चकरभाठा के आनंद राम से सीखिए।
बिलासपुर. कोरोना से जीतने का जज्बा सीखना हो तो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) जिले के चकरभाठा के आनंद राम से सीखिए। उम्र है 100 साल यानी जब देश में असहयोग आंदोलन चल रहा था तब 1921 में आपका जन्म हुआ। अपने जीवन के 100 पड़ाव पार कर चुके आनंद को बिल्हा के कोविड केयर सेंटर (COVID Care Center) में जब लाया गया था तो उनका ऑक्सीजन लेवल महज 89 था, लेकिन आनंद राम का जज्बा ही है जो शुक्रवार को वे पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए।
जज्बा नौजवानों जैसा
आनंद राम की आयु भले ही 100 वर्ष है, लेकिन जज्बा नौजवानों के समान है। इसीलिए हम कहते हैं, 100 साल के इस नौजवान ने कोरोना को महज 5 दिनों में चारों खाने चित कर दिया। शुक्रवार को जब आनंद राम कोरोना मुक्त हुए तो उनका ऑक्सी-लेवल 96 पार कर चुका था।
बोले-सैल्यूट है हमारी व्यवस्था
चारों तरफ कोरोना से किरकिरी झेल रहे स्वास्थ्य महकमे को आनंद राम सलाम करते हैं। वे कहते हैं, इस बीमारी ने हमको बोलना सिखा दिया। मरीजों का सम्मान करना सिखा दिया। घर जैसी केयर, दोनों वक्त सेहत की पूछताछ और बच्चों का जैसे दादा के प्रति व्यवहार होता है, वैसा मेरे साथ नर्सिंग स्टाफ ने किया।
कुछ मैंने तो कुछ नर्सों ने दिखाई हिम्मत
आनंद कहते हैं, मैंने तो जो हिम्मत दिखाई वो तो दिखाई है, लेकिन सेवा में लगी बच्चियां यानी नर्सों ने मेरा साहस नहीं खोने दिया। हर वक्त यह अहसास दिलाना कि आप महत्वपूर्ण हैं। जरूर स्वस्थ हो जाएंगे।