बिलासपुर में कांग्रेस नेता के साथ बदसलूकी मामले खुद को बेदाग बताने वाले ट्रैफिक पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है, जिसमें आरक्षक एक घर के बाहर परिजनों के साथ बदसलूकी और गाली गलौज कर रहा है।
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कांग्रेस नेता की बदसलूकी का शिकार हुए ट्रैफिक पुलिस एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल, कांग्रेस नेता और ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष मोतीलाल थारवानी के साथ बदसलूकी मामले खुद को बेदाग बताने वाले ट्रैफिक पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है, जिसमें आरक्षक एक घर के बाहर परिजनों के साथ बदसलूकी और गाली गलौज कर रहा है।
इतना ही नहीं वीडियो में आरक्षक वहां मौजूद एक शख्स के साथ दंबगई और हाथापाई करते दिखाई दे रहा है। साथ ही आरक्षक वहां की महिलाओं से भी अभद्रता कर रहा है। कांग्रेस विधायक शैलेष पांडे ने इस मामले में आरक्षक के खिलाफ बिलासपुर पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
इससे पहले ट्रैफिक पुलिस के साथ सरेराह गाली गलौज व मारपीट मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता मोतीलाल थारवानी को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, कांग्रेस विधायक शैलेष पांडे ने इस मामले में ब्लॉक अध्यक्ष पर एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए तारबाहर थाने पहुंचे और पुलिस पर कई सवाल दागे।
विधायक ने कहा कि ये अन्याय है, सिपाही के खिलाफ मोतीलाल थारवानी ने भी शिकायत की है, जिसमें गाली-गलौज करने का आरोप है फिर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई क्यों की, मोती थरवानी की पत्नी की शिकायत पर पुलिस चुप क्यों है। इधर, पुलिस का कहना था कि मोती को थाने आकर बात रखनी थी, अगर समझौता हुआ तो थाने आते नागपुर नहीं भागते, थाना प्रभारी व विधायक के बीच काफी देर तक बहस छिड़ी रही।
क्या था मामला
लिंकरोड श्रीकांत वर्मा मार्ग मोड़ पर यातायात आरक्षक रामकुमार रजक के साथ बदसलूकी का एक वीडियो वायरल हुआ। इस मामले में रेलवे परिक्षेत्र ब्लाक अध्यक्ष मोतीलाल थारवानी को तारबाहर पुलिस ने नागपुर जिले के कामटी से गिरफ्तार किया है। मोतीलाल थारवानी शासकीय कार्य में बाधा सहित कार्य करने के दौरान भय उत्पन्न करने, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देने की धाराएं लगाई गई है।