
CG Police News: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में एक स्पा संचालक द्वारा पूर्व एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल पर डराने-धमकाने और पैसों की मांग करने के गंभीर आरोप लगाए जाने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शिकायत के साथ वायरल वीडियो, व्हाट्सएप कॉलिंग स्क्रीनशॉट और कथित स्टिंग से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं।
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र में संचालित एक वेलनेस स्पा से जुड़ा हुआ है। स्पा संचालक ने बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि पूर्व एडिशनल एसपी द्वारा उसे लगातार दबाव में लिया जा रहा था और पैसों की मांग की जा रही थी।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पूर्व ASP का स्टिंग किया है, जिसमें कथित रूप से पैसों की मांग और धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड हुई है। यही वीडियो और ऑडियो सामग्री अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। संचालक के अनुसार, लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते उसने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का फैसला किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिया गया है कि वे वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
वर्तमान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वायरल वीडियो 13 दिसंबर का हो सकता है, जब वे बिलासपुर में एडिशनल एसपी के पद पर पदस्थ थे।
राजेंद्र जायसवाल के अनुसार, संबंधित युवक उनके चेंबर में किसी एफआईआर को लेकर आया था। उसे पहले ही स्पष्ट किया गया था कि आवश्यक दस्तावेज लाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके बाद युवक द्वारा पुलिस के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई, जिस पर उसे डांटा गया। इसी दृश्य को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
पूर्व ASP ने कहा कि वीडियो में वे यह कहते हुए भी दिख रहे हैं कि यदि स्पा में अनैतिक गतिविधियां पाई जाती हैं तो पुलिस द्वारा रेड कार्रवाई की जाएगी। इसे ही गलत तरीके से पैसे मांगने और धमकी देने के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
राजेंद्र जायसवाल ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने इसे उनकी व्यक्तिगत छवि और बिलासपुर पुलिस की साख को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है।