Weather Update: प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। बढ़ती गर्मी न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रही है।
CG Weather Update: मार्च का महीना अभी समाप्त भी नहीं हुआ कि मौसम ने अपना मिजाज पूरी तरह बदल लिया है। सूरज की तपिश अब अप्रैल-मई जैसी चुभने लगी है। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी पड़ जाती हैं, हवा भी जैसे गर्म लपटों में बदल जाती है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर दिख रहे हैं। बढ़ती गर्मी न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रही है।
बिलासपुर में इन दिनों गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मार्च के महीने में असामान्य रूप से अधिक माना जा रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात में भी गर्मी का एहसास बना रहा। सुबह की हल्की ठंडक अब लगभग गायब हो चुकी है। सूरज निकलते ही तेज धूप अपना असर दिखाने लगती है और दोपहर तक हालात ऐसे हो जाते हैं कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
शहर की व्यस्त सडक़ें भी दोपहर में सूनी नजर आने लगी हैं। राहगीर पेड़ों की छांव या ठंडी जगहों की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखते हैं। गर्मी के इस बढ़ते असर के बीच लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। जहां पहले लोग दिन में बेझिझक बाहर निकलते थे, वहीं अब जरूरी काम भी सुबह या शाम के समय ही निपटाने की कोशिश की जा रही है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो गई है और दुकानदार भी सुस्ती महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश के प्रमुख शहरों के तापमान पर एक नजर
स्थान - अधिकतम - न्यूनतम
बिलासपुर - 39.6 - 22.2
पेंड्रा - 37.2 - 19.6
अंबिकापुर - 36.4 - 16.5
रायपुर - 39.6 - 22.8
जगदलपुर - 37.7 - 22.4
दुर्ग - 38.9 - 20.8
राजनांद गांव - 40.5 - 22.5
बीमारी से बचने गर्मी से रहें सतर्क
इधर, डॉक्टरों ने भी बढ़ती गर्मी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। साथ ही, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि वे गर्मी से जल्दी प्रभावित होते हैं। कुल मिलाकर, मार्च में ही मई जैसी तपिश ने लोगों को संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
शीतल पेयों का सहारा
तेज गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शीतल पेयों का सहारा ले रहे हैं। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ने के रस, नींबू पानी, जूस और छाछ की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है।