
Chhattisgarh High Court: बिलासपुर जिले के गांवों से गुजर रही हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों से खेतों में करंट के खतरे और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए अंतिम अवसर दिया है।
कोर्ट ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की कमेटी की रिपोर्ट लगातार लंबित रहने पर केंद्र सरकार पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है। जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को तय की गई है। बिलासपुर-रतनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास के करीब आठ से 10 गांवों में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन गांवों में बड़ी संख्या में बिजली के टॉवर लगे हैं और इनके बीच से 400 से 800 केवी तक की बिजली लाइन गुजरती है। ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में विद्युत करंट महसूस होने और खेतों में काम करने में परेशानी की शिकायत की थी। खबर में यह भी बताया गया था कि कुछ ग्रामीण सुरक्षा के लिए गमबूट पहनकर खेतों में जाने को मजबूर हैं।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने निरीक्षण के बाद 9 सितंबर 2024 को कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। हालांकि बिजली कंपनियों ने रिपोर्ट तैयार करने में इस्तेमाल किए गए तकनीकी मानकों और दस्तावेजों की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने संबंधित तकनीकी पैरामीटर और दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखने के निर्देश दिए। 25 अक्टूबर 2024 को कमेटी गठित कर उपचारात्मक उपायों पर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद केंद्र सरकार को कई बार समय दिया गया, लेकिन रिपोर्ट अब तक दाखिल नहीं हो सकी।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार के मुख्य विद्युत निरीक्षक, संबंधित प्राधिकरण को प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि संबंधित कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे स्थित कृषि भूमि के मालिकों को किसी प्रकार की असुविधा या कठिनाई न हो।तकनीकी रूप से यह जांच करने को कहा गया था कि बिजली की लाइनों से किस तरह की परेशानी हो रही है। यदि कोई समस्या मिलती है तो उसके समाधान के लिए आवश्यक उपाय बताने कहा था। निरीक्षण, संबंधित बिजली कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया जाना था।
कोर्ट के समक्ष केंद्रीय प्राधिकरण की रिपोर्ट में बताया गया कि बिलासपुर जिले के अमटारा, कछार, लोफंदी, मोहतराई, लछनपुर, नवागांव, मदनपुर और भरारी गांवों से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। 15 जुलाई 2024 को प्रस्तुत दस्तावेजों में यह भी सामने आया था कि कुछ ट्रांसमिशन लाइनों का निर्धारित अवधि के अनुसार मुख्य विद्युत निरीक्षक अथवा विद्युत निरीक्षक से आवधिक निरीक्षण नहीं कराया गया था।