
Unique Love story: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली शादी का मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश की एक युवती को छत्तीसगढ़ के युवक से प्रेम हुआ, लेकिन जब परिवार और समाज ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, तो दोनों ने पुलिस की शरण ली। इसके बाद थाना परिसर ही विवाह स्थल बन गया, जहां कानून के रखवाले बाराती बने और दोनों की शादी पूरे विधि-विधान से संपन्न कराई गई।
मामला मरवाही थाना क्षेत्र का है। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की रहने वाली मीरा सिंह और मरवाही क्षेत्र के धूम्माटोला बहरीझोरकी निवासी संजय सिंह एक-दूसरे से प्रेम करते थे और साथ जीवन बिताना चाहते थे। परिवार की असहमति और सामाजिक दबाव के चलते दोनों घर से निकलकर सीधे मरवाही थाना पहुंचे और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई।
थाना प्रभारी शनिप रात्रे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले युवक-युवती की उम्र और आपसी सहमति की जांच की। दोनों के बालिग होने और स्वेच्छा से विवाह करने की पुष्टि होने पर थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाया। पुलिस ने उन्हें युवक-युवती के कानूनी अधिकारों और सामाजिक पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाइश दी, जिसका सकारात्मक असर हुआ। बातचीत के बाद परिजन विवाह के लिए राजी हो गए।
इसके बाद मरवाही थाना परिसर में स्थित शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार संजय और मीरा का विवाह संपन्न कराया गया। इस खास मौके पर पुलिसकर्मी बाराती बने और शादी के साक्षी रहे। पूरे थाना परिसर में इस अनोखी शादी को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। यह विवाह उसी दिशा में एक सकारात्मक और मानवीय पहल का उदाहरण बनकर सामने आया है।