
CG fake Doctors: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बुधवार को (BMO) मस्तूरी ने 13 झोलाछाप तो बीएमओ बिल्हा ने 33 झोलाछापों को पकड़ा है। इन सभी के पास दावों का जखीरा बरामद हुआ। सभी को दोबारा इस तरह मरीजों की इलाज ना करने की चेतावनी दी गई है। दरअसल कोटा ब्लॉक में लगातार 7 लोगों की झोलाछाप के इलाज से मौत के बाद अब यहां ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी एक्शन मोड पर आ गए है।
अफसरों को झोलाछाप की लिस्ट देने के बाद अब प्रतिदिन (BMO) डॉ.निखलेश गुप्ता क्षेत्र में इन्हें खोजने निकल रहे हैं। बुधवार को बीएमओ डॉ.गुप्ता चपोरा सेक्टर के अंदर सेमरा गांव में पहुंचे यहां बीएमओ को आते देख एक झोलाछाप खेत की ओर भागने लगा। बीएमओ ने धान लगे खेत में दौड़ाकर झोलाछाप को पकड़ लिया। इस दौरान उसके क्लीनिक से एलोपैथी दवाओं के साथ ड्रिप चढ़ाने की समाग्री भी जब्त की।
बता दे कि बुधवार को बीएमओ डॉ.गुप्ता ने 6 झोलाछाप को पकड़ा। बात दे कि इसमें चपोरा और सेमार में घूम-घूमकर उपचार करने वाले उमेश भास्कर, शोभा, राजकुमार साहू, दिलीप साहू, प्रेमचंद जायसवाल और कुमार सिंह राजपूत को पकड़कर उन्हें चेतावनी दी की दोबार क्षेत्र के गांवों में इस तरह घूम-घूमकर यदि लोगों का इलाज किया तो थाने में एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। चेतावनी देने के साथ ही इनके पास मिले दवाओं और उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। विदित हो कि बिलासपुर जिले के चारों ब्लॉक में 500 से अधिक झोलाछाप इलाज कर रहे हैं जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग ने 2014 में हाईकोर्ट को दी थी।