CG Train Accident: बिलासपुर जिले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक सुधार कार्य के चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक 20 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है।
CG Train Accident: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर डिवीजन अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक सुधार कार्य के चलते 5 अप्रैल से 24 अप्रैल तक 20 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है। इस दौरान छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द करने का निर्णय लिया है, वहीं 2 ट्रेनों को बीच मार्ग में ही समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा चार पैसेंजर ट्रेनों को भी पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टिक ट्रैक (पत्थरों वाला ट्रैक) तैयार किया जाएगा। इस तकनीकी सुधार का उद्देश्य ट्रेनों की गति बढ़ाना और संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। हालांकि, इस कार्य के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
इस मेगा ब्लॉक के चलते छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। कुल 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द किया गया है, जिससे बिलासपुर, रायपुर और गोंदिया रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
चार पैसेंजर ट्रेनें भी पूरी तरह रद्द
एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ चार पैसेंजर ट्रेनों को भी पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इनमें बल्लारशाह-गोंदिया और गोंदिया-कटंगी रूट की गाड़ियां शामिल हैं। ये ट्रेनें स्थानीय यात्रियों और छोटे व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण थीं, जिनके बंद होने से दैनिक आवागमन प्रभावित होगा।
गोंदिया स्टेशन पर कार्य के कारण 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 4 से 25 अप्रैल तक दुर्ग स्टेशन पर ही समाप्त होगी। इसी तरह 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस 5 से 26 अप्रैल तक दुर्ग से ही रवाना होगी। गोंदिया और दुर्ग के बीच इन ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। इसके लिए 139 हेल्पलाइन नंबर या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) का उपयोग किया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि असुविधा के लिए खेद है, लेकिन यह कार्य भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल सेवा के लिए जरूरी है।