बिलासपुर

एसई ने कहा 50 हजार रुपए लेकर केस वापस ले लो नहीं तो 5 लाख का उठाना पड़ेगा नुकसान, जानें क्या है मामला

इधर उपभोक्ता फोरम का फैसला आने के पहले एसई का तबादला कर दिया गया है। गड़बड़ी की जांच नहीं की गई है।

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बिलासपुर. बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री संजय तेलंग (नगर) ने अवैध वसूली के लिए छात्रावास को कॉमर्शियल घोषित कर दो गुनी बिल भेज रहे थे। इसकी शिकायत लिंक रोड निवासी पवन अग्रवाल ने उपभोक्ता फोरम में की थी। अधीक्षण यंत्री ने खुद को फंसते देख पवन अग्रवाल को पैसे लेकर मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाया, जिसकी शिकायत विभागीय अफसरों से गई। उपभोक्ता फोरम का निर्णय आने के पहले एसई का तबादला रायपुर कर दिया गया है। वहीं उपभोक्ता फोरम ने कॉमर्शियल बिल की जगह घरेलू बिल जारी करने का आदेश दिया है। लिंक रोड निवासी पवन कुमार अग्रवाल का विनोबा नगर स्थित पाठक गली के पास मकान है। इसमें पढ़ाई करने वाले छात्र रहते हैं। छात्रों पर किसी प्रकार का अधिक भार न पड़े, इसलिए उनसे काफी कम किराया लिया जाता है। बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री संजय तेलंग ने अपनी मर्जी से बिल वसूली करना शुरू कर दिया। वे छात्रावास का कॉमर्शियल बताकर दोगुना बिल भेज रहे थे। जबकि छात्रावास से पूरे प्रदेश में घरेलू बिल लिया जाता है। बिजली बिल को सुधारने की मांग की गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इस मामले में अग्रवाल ने उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई। साथ ही विद्युत वितरण कंपनी के बड़े अधिकारियों से शिकायत की गई। इधर उपभोक्ता फोरम का फैसला आने के पहले एसई का तबादला कर दिया गया है। गड़बड़ी की जांच नहीं की गई है।

ये है उपभोक्ता फोरम का आदेश : बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री संजय तेलंग द्वारा अपनी मर्जी से नियम से बाहर जाकर छात्रावास को बिजनेस हाउस मानकर कॉमर्शियल बिलिंग करने का आदेश दिया गया था। इसे पवन अग्रवाल ने उपभोक्ता फोरम में चैलेंज किया गया था। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष न्यायाधीश एसएस राजपूत ने इस पर फैसला दिया कि केवल घरेलू कार्य निवासरत मकान को बिजनेस हाउस मानकर बिजली के दर को कामर्शियल बिलिंग कर दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। अत: कॉमर्शियल बिलिंग को सुधारकर घरेजू दर से बिजली बिल चार्ज किया जाए।
ये है मामला : 11 सितम्बर को पत्रिका ने बिजली विभाग के एसई द्वारा अवैध वसूली के लिए किए जा रही गड़बड़ी को प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग में हलचल मच गई। वहीं शिकायतकर्ता पवन अग्रवाल को उपभोक्ता फोरम से केस वापस लेने के लिए एसई द्वारा 50 हजार रुपए का ऑफर किया गया। अफसर ने यह तक धमकी दी थी कि अगर वह यह ऑफर स्वीकार नहीं करता है तो 5 लाख तक नुकसान उठान पड़ेगा।
जानकारी नहीं मिली :अधीक्षण यंत्री (नगर) संजय तेलंग का तबादला रायपुर कर दिया गया है। उनके द्वारा की गई गड़बड़ी की जानकारी या फोरम का आदेश की जानकारी नहीं आई है।
कैलाश नारनवरे, कार्यकारी निदेशक बिजली विभाग

Published on:
07 Oct 2017 12:06 pm