संभाग के पांचों जिलों में 500 करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी।
बिलासपुर. विद्युतीकरण के लिए विभाग सौभाग्य योजना के अलावा दो अन्य आईपीडीएस और दीनदयाल योजनाएं भी चला रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की उदासीनता से पुरानी योजनाओं के कार्य अटके हुए हैं। समय पर कार्य न होने से बिलासपुर संभाग के लाखों उपभोक्ता प्रभावित हैं। इन दोनों योजनाओं से संभाग के पांचों जिलों में 500 करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी।
नए सब स्टेशन बनाने, उपकेंद्रों का निर्माण, मरम्मत, क्षमता वृद्धि, नई निम्न दाब की लाइनें, एलटी लाइनें डालने जैसे महत्वपूर्ण कार्य होने से लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से निजात तो मिलेगी ही, बिजली से संबंधित अन्य समसयाएं भी दूर हो जाएंगी। डेढ़ वर्ष पहले बिलासपुर संभाग के पांचों जिलों जांजगीर, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़ और बिलासपुर जिले में योजना के तहत शहरों में विद्युत सुदृढ़ीकरण के लिए आईपीडीएस योजना शुरू हुई थी। आईपीडीएस के कार्यों के लिए गुडग़ांव की ए टू जेड इंफ्रा. कंपनी को ठेका दिया गया था। केवल बिलासपुर में ही 10 करोड़ रुपए के कार्य होने थे। लेकिन अभी तक इसमें मात्र 45 कार्य ही हुए हैं। यही हाल दीनदयाल योजना का है। यह योजना करीब दो वर्ष पहले शुरू हुई। दिल्ली की फेडर इलेक्ट्रिक नाम की कंपनी को 202 करोड़ का ठेका दिया गया, लेकिन इसमें भी करीब 70 फीसदी कार्य हुआ है। जबकि दोनों योजनाओं के बाद आई सौभाग्य योजना के कार्य संभाग में 97 से 98 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं।
शुरू नहीं हुआ आधे सब स्टेशन का कार्य : आईपीडीएस योजना के तहत सिरगिट्टी, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली और तिफरा में पांच सब स्टेशन का कार्य नहीं हुआ है। वहीं दीनदयाल योजना से निर्मित होने वाले 11 सब स्टेशन में से बंशीताल, कोडरी, रतौरा, दुल्हनियाबाई 4 सब स्टेशन भी नहीं बने। वहीं पेंडारी, मोच, पाली, केवराडी, चातरखार, बरगांव और धरदेही सब स्टेशन का कार्य लगभग कार्य पूरा हो चुका है।
ये कार्य होंगे : दीनदयाल, आईपीडीएस योजनाओं से बिलासपुर संभाग में करीब 16 सब स्टेशनों का निर्माण, 33/11 केवी के उपकेंद्रों की मरमम्त, क्षमता वृद्धि। 33 और 11 केवी की नई लाइनें, नई निम्न दाब की लाइने डालने, एरियल बंच केबिल, एलटी लाइनें, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर, नए मीटर लगाने, फीडर विभक्तीकरण, नए वितरण परिणामित्र की स्थापना, केपीसीटर बैंक की स्थापना सहित अन्य कार्य किए जाने हैं।
कार्य पूरा करने के किए जा रहे हैं प्रयास : दीनदयाल और आईपीडीएस योजना के कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं। इसमें ठेकेदार लेट लतीफी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी लगातार कार्य पूरा कराने के प्रयास में हैं।
अमर चौधरी, प्राजेक्ट अधिकारी विद्युत विभाग बिलासपुर।