
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति खुद को अकेला मानता है और बाकी लोगों के साथ घुलने-मिलने से डरता है। कहीं आप भी तो 'सोशल फोबिया' से ग्रसित नहीं? नीचे दिए सवालों के जवाब देकर खुद ही परख लीजिए।
1. आपको ज्यादा लोगों के बीच रहना पसंद नहीं आता, भले ही वे जान-पहचान वाले क्यों न हो ?
अ: सहमत
ब: असहमत
2. आप भीड़ में खुद को असहज महसूस करते हैं और वहां से भाग जाना चाहते हैं ?
अ: सहमत
ब: असहमत
3. आपको लोगों से ज्यादा बातें करना और उनकी बातें सुनना भी अच्छा नहीं लगता?
अ: सहमत
ब: असहमत
4. किसी पारिवारिक या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाना हो तो आपका पहला जवाब 'नहीं जाना' होता है ?
अ: सहमत
ब: असहमत
5. आपके दोस्त अंगुलियों पर गिने जा सकते हैं और आप उनसे भी अक्सर नाखुश रहते हैं ?
अ: सहमत
ब: असहमत
6. किसी मंच से बोलने या लोगों के बीच अपनी बात रखने में आप कभी आगे नहीं आते ?
अ: सहमत
ब: असहमत
7. आप अपनी असामाजिक बने रहने की प्रवृति के कारण मन के साथ-साथ शरीर से भी कष्ट पाते हैं ?
अ: सहमत
ब: असहमत
8. आपको जानने वाले लोगों की नजरों में आपकी छवि एक 'घुन्न' और 'मूडी' इंसान की है ?
अ: सहमत
ब: असहमत
9. कोई आपसे प्यार से बात करे या मदद देना चाहे तो आप उसे शक की नजर से देखते हैं ?
अ: सहमत
ब: असहमत
स्कोर और एनालिसिस
आपको 'लोगों' से डर लगता है: सात या उससे ज्यादा (अ) विचारों से सहमत हैं तो आप 'सोशल फोबिया' के शिकार हैं। आपको लोगों से मेल-जोल अच्छा नहीं लगता और आप अपने विचारों में ही घिरे रहते हैं। इस डर को दूर करने के लिए कुछ कोशिशें आपको करनी पड़ेगी और किसी अच्छे काउंसलर की सलाह भी लेनी होगी।
आपको सब पसंद करते हैं: सात या उससे ज्यादा (ब) विचारों से सहमत हैं तो आपके साथ 'सोशल फोबिया' जैसी कोई समस्या नहीं है। आपके व्यक्तित्व और विचारों में खुलापन है और यही कारण है कि आप रिश्तों में बहुत ज्यादा तात्कालिक लाभ-हानि की चिंता नहीं करते।