
आपने कभी गौर किया है, हममें से अधिकांश लोग अपनी सेहत के बारे में झूठ बोलते हैं। क्या आपकी भी ऐसी आदत है? जवाब में (अ) या (ब) पर टिक कर आप भी खुद को परख सकते हैं।
1. आपके लिए हाल-चाल पूछना किसी से बात करने की पहली औपचारिकता भर है ?
अ: हां
ब: नहीं
2. आप जब भी सेहत की बात करते हैं तो ज्यादातर दूसरों की शिकायत करते हैं?
अ: हां
ब: नहीं
3. अपनी बातों में आप सेहत को लेकर कब झूठ बोल जाते हैं, आपको पता ही नहीं चलता ?
अ: हां
ब: नहीं
4. सेहत के बारे में कोई अपनी पीड़ा बताए तो आप भी अपनी पीड़ा का बखान करने लगते हैं?
अ: हां
ब: नहीं
5. डॉक्टर कोई सवाल पूछे तो उसे घुमा-फिराकर जवाब देते हैं ताकि लापरवाही सामने न आए ?
अ: हां
ब: नहीं
6. सेहत में सुधार के लिए आपके पास सोच तो है लेकिन आप संकल्प व शक्ति नहीं जुटा पाते ?
अ: हां
ब: नहीं
7. आप सेहत के सवालों पर दार्शनिक बातें जोड़कर कर खुद को निर्दोष दिखाते हैं ?
अ: हां
ब: नहीं
8. ढींग मारने के बावजूद खुद को बदलना नहीं चाहते?
अ: हां
ब: नहीं
9. आपके श्रोताओं के लिए आपका झूठ पकडऩा आसान है और वे आप पर जाहिर भी कर देते हैं?
अ: हां
ब: नहीं
स्कोर और एनालिसिस -
आप बस बातें बना रहे हैं: आपको सात या उससे ज्यादा (अ) मिले हैं तो अपनी ढींग मारने की आदत पर विराम लगाएं वरना जीवन में कई चीजों पर पूर्ण विराम लग जाएगा। आपको वक्त, प्राथमिकताओं व सेहत के साथ संतुलन बनाने के लिए प्रयास आज से शुरू करने होंगे।
आप जो हैं, वही कहते हैं: यदि आपको मिले हैं सात या उससेे ज्यादा (ब) तो आपको शेखचिल्ली नहीं कहा जा सकता। सेहत को लेकर सच बोलना आपको पसंद है और इसके लिए आप अपमान भी सह सकते हैं। इसलिए लोग आपको प्रेरणादायक मानकर आप जैसा बनने की चाह करते हैं।