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मीठी और ठंडी तासीर की सौंफ पाचन के लिए है फायदेमंद

मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली सौंफ में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम, विटामिन-ए व सी और डायट्री फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं।
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Oct 22, 2019
मीठी और ठंडी तासीर की सौंफ पाचन के लिए है फायदेमंद
मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली सौंफ में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम, विटामिन-ए व सी और डायट्री फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं।

ठंडी तासीर वाली सौंफ को मुंह का स्वाद बढ़ाने के अलावा औषधि के रूप में भी विभिन्न रोगों के इलाज में प्रयोग करते हैं। ये खास पौधे के सुगंधित और स्वादिष्ट बीज होते हैं। जानें इसके बारे में-

पोषक तत्त्व : मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली सौंफ में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, पोटैशियम, विटामिन-ए व सी और डायट्री फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते हैं।

इस्तेमाल : सौंफ को ज्यादा पकाने से इसके गुण नष्ट हो जाते हैं। हालांकि तवे पर हल्का सेंक सकते हैं। इसे भिगोकर या खाद्य सामग्री के पकने के बाद डालें। इसे साबुत के अलावा चूर्ण या चाय में या पानी में भिगोकर भी ले सकते हैं।

ये हैं फायदे : वात-पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने, पाचन सुधारने के साथ बदहजमी, कब्ज, एसिडिटी व अधिक प्यास की समस्या में गुणकारी है। यह माउथ फे्रशनर है। तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल घटाती है।

सावधानी : 1-3 ग्राम की मात्रा बच्चे व बड़े कोई भी दिनभर में ले सकता है। वैसे तो इसे खाने से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन तय मात्रा से अधिक लेने से त्वचा संवेदनशील हो सकती है। कई बार सौंफ खाते ही मुंह, त्वचा, होठ, जीभ व गले में खुजली हो तो यह एलर्जी का एक संकेत है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
22 Oct 2019 04:03 pm