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स्वस्थ जीवनशैली से बनाएं हार्मोन्स का संतुलन

स्वस्थ शरीर के लिए हमारे हार्मोंस का संतुलित रहना भी जरूरी है कि क्योंकि ऐसे कई रोग हैं जो इनमें असंतुलन के कारण ही होतेे हैं
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Feb 13, 2019
body and soul
स्वस्थ जीवनशैली से बनाएं हार्मोन्स का संतुलन

स्वस्थ शरीर के लिए हमारे हार्मोंस का संतुलित रहना भी जरूरी है कि क्योंकि ऐसे कई रोग हैं जो इनमें असंतुलन के कारण ही होतेे हैं। आइए जानते हैं इनकी शरीर में भूमिका के बारे में।

ये हैं हार्मोंस
हार्मोंस शरीर के कुछ रसायनिक तत्व होते हैं जो अंत:स्रावी ग्रंथियों की मदद से स्रावित होकर रक्त के माध्यम से विभिन्न अंगों में पहुंचते हैं। ये शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने का काम करते हैं।

प्रमुख लक्षण
यह समस्या अनियमित जीवनशैली और आनुवांशिक कारणों की वजह से होती है। कमजोरी, थकान, रंग में बदलाव, माहवारी में गड़बड़ी, इंफर्टिलिटी और स्वभाव व सोच में बदलाव जैसे लक्षण होने लगते हैं।

शरीर में भूमिका
हमारे शरीर में कई तरह के हार्मोंस होते हैं जैसे इंसुलिन हार्मोन की कमी होने से डायबिटीज, थायरॉइड हार्मोन की कमी से हाइपोथायरॉइड व ज्यादा होने पर हाइपरथायरॉइड की समस्या हो सकती है।

प्रमुख उपचार
डॉक्टर मॉलिक्यूलर और बायोकैमिकल तरीके से हार्मोनल जांच करवाते हैं। हार्मोंस कम व अधिक होने पर दवाइयोंं और खानपान में बदलाव से इलाज होता है। कई बार जैनेटिक डिसऑर्डर होने पर जीन थैरेपी से इलाज होता है। दवाओं से दुष्प्रभाव होने पर डॉक्टर रोगी की दवाइयों में बदलाव करते हैं। गुड़, चीनी, जंकफूड व तली-भुनी चीजों से परहेज करें।

महिलाओं पर प्रभाव
हार्मोंस के असंतुलन की समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा होती है। हार्मोंस में गड़बड़ी होने पर माहवारी अनियमित हो जाती है जिससे वजन बढ़ता है और कई बार वजन बढऩे की वजह से भी माहवारी में दिक्कत आने लगती है। इसलिए हार्मोनल समस्या होने पर एंडोक्रायोनोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

Published on:
13 Feb 2019 01:33 pm