बॉडी एंड सॉल

चोट लगने पर कैसे करें बर्फ का सेक,जानें इसके बारे में

विशेषज्ञों के अनुसार हल्की मोच, मांसपेशियों में खिंचाव और खरोंच लगने पर अगर बर्फ की सिकाई की जाए, तो फौरन आराम मिलता है।
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Jun 03, 2018
बर्फ की सिकाई
चोट लगने पर कैसे करें बर्फ का सेक,जानें इसके बारे में

बर्फ सिर्फ पानी ठंडा ही नहीं करती, बल्कि छोटी-मोटी चोटों में भी राहत पहुंचाती है। फिजियोथैरेपी विशेषज्ञों के अनुसार हल्की मोच, मांसपेशियों में खिंचाव और खरोंच लगने पर अगर बर्फ की सिकाई की जाए, तो फौरन आराम मिलता है।

आइस ट्रीटमेंट
मोच, मांसपेशियों में खिंचाव, खरोंच या कटने से ऊत्तकों को नुकसान पहुंचता है। इससे चोट लगने की जगह और उसके आसपास सूजन व दर्द की शिकायत हो सकती है। बर्फ से सिकाई करने पर ऊत्तकों से खून निकलना बंद हो जाता है और सूजन भी नहीं आती। मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन में भी कमी आती है। इन सबका असर ये होता है कि चोट या सूजन की वजह से ऊत्तकों से निकलने वाला फ्लूइड ज्यादा दूर फैलता नहीं और चोट के आसपास की जगह में कड़ापन नहीं आता।

ऐसे करें सिकाई
शरीर में जिस जगह बर्फ से सिकाई करनी हो, वहां हल्का-सा तेल लगाना चाहिए। अगर त्वचा कट गई हो या टांके लगे हों, तो उस जगह को ढक देना चाहिए, ताकि चोट वाली जगह गीली ना हो।
जिस हिस्से में तेल लगाया है, उसके ऊपर गीला सूती कपड़ा तह बनाकर रखें। अब इस कपड़े के ऊपर से बर्फ की सिकाई करें, ऐसा 5-30 मिनट तक कर सकते हैं। तीस मिनट से ज्यादा सिकाई ना करें।
करीब 5 मिनट बाद कपड़ा हटाकर देखें, अगर उसके नीचे की त्वचा गुलाबी दिख रही हो, तो सिकाई बंद कर दें। अगर अभी भी त्वचा का रंग ना बदला हो, तो 5 मिनट और सिकाई करें।
चोट के शुरुआती 48 घंटे में बर्फ की सिकाई दो से तीन घंटे के अंतराल पर की जा सकती है।
सिकाई के दौरान अगर त्वचा को तेल और भीगे कपड़े से न ढका जाए तो, ये बर्फ त्वचा को जला सकती है या अधिक ठंड से भी नुकसान पहुंच सकता है।

कब ना करें
अगर चोट वाली त्वचा ठंडे या गर्म के प्रति संवेदनशील हो।
चोट वाले हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन कम हो या आप डायबिटीज के मरीज हों।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
03 Jun 2018 04:16 am