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Kids Health: बच्चों में बुरे व्यवहार का कारण बन सकते हैं गैजेट्स, माता-पिता रखें इन बाताें ध्यान

Kids Health in Hindi: आज के बच्चे वास्तव में तकनीक प्रेमी हैं। क्योंकि वे चलना और बात करना सीखने से पहले ही गैजेट चलाना जानते हैं। माता-पिता के रूप में बच्चे की ये प्रतिभा आपको खुशी महसूस करा सकती है। लेकिन शायद आपको ये जानकारी न हो कि गैजेट्स का ये इस्तेमाल बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ पर कितना नकारात्मक असर डालता है...

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Apr 05, 2020
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Kids Health in Hindi: आज के बच्चे वास्तव में तकनीक प्रेमी हैं। क्योंकि वे चलना और बात करना सीखने से पहले ही गैजेट चलाना जानते हैं। माता-पिता के रूप में बच्चे की ये प्रतिभा आपको खुशी महसूस करा सकती है। लेकिन शायद आपको ये जानकारी न हो कि गैजेट्स का ये इस्तेमाल बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ पर कितना नकारात्मक असर डालता है। जी हां, स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर, टीवी आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) की सिफारिश है कि कम से कम दो साल की उम्र तक के बच्चों को गैजेट्स बिल्कुल दूर रखना चाहिए।

बच्चे के मानसिक विकास पर पड़ता है गलत असर
सिनसिनाटी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर के एक अध्ययन में कहा गया है कि ज्यादा समय गैजेट्स से चिपके रहने वाले बच्चों के मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में, भाषा और अन्य व्यवहार समझने के लिए मदद करने वाले सफेद पदार्थ की संरचनात्मक अखंडता कम हो जाती है। जिसका असर बच्चे के मानसिक विकास पर पड़ता है। और उनमें कल्पना शक्ति, मानसिक और आत्म नियंत्रण की कमी हो सकती है।

मिशिगन विश्वविद्यालय, सी.एस. मॉट चिल्ड्रन हॉस्पिटल एंड इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी के एक अन्य अध्ययन में कहा गया है कि गैजेट्स की लत के लिए अकेले बच्चों को दोष नहीं दिया जा सकता। क्योंकि आज के समय में माता-पिता द्वारा भारी डिजिटल उपकरणों का उपयोग बच्चों के व्यवहार और विकास समस्याओं के लिए जिम्मेदार है।

क्या करें माता-पिता
बच्चाें काे गैजेट्स से दूर रखना आज के समय में थाेड़ा मुश्किल काम हाे सकता है। क्याेंकि आज माता पिता खुद ही गैजेट्स के चक्कर में उलझे रहते हैं। उन्हें देखकर बच्चें भी प्रभावित हाेते हैं। यदि आप अपने बच्चे काे गैजेट्स दूर रखना चाहते हैं ताे पहले खुद गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें। बच्चाें का समझाएं की यह उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। बेहतर हाेगा की बच्चाें के साथ खेलना अपनी दिनचर्या में शामिल करें। और ध्यान रखे की बच्चाें काे खुद ही संभाले, उनके रोने पर उन्हें गैजेट्स के भरोसे न छोड़े।

Published on:
05 Apr 2020 11:11 pm