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माहवारी के दिनों में चिड़चिड़ापन, बेचैनी और सिरदर्द दूर करते हैं ये योगासन

आमतौर पर लड़कियों में माहवारी शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले वजन बढ़ने के साथ स्वभाव में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, थकान, भूख से ज्यादा खाना, सिर व पीठ में दर्द, सूजन आदि की समस्या होती है। इन लक्षणों को कम करने में कुछ खास आसन व प्राणायाम मददगार साबित हो सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में-
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Jun 27, 2019
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आमतौर पर लड़कियों में माहवारी शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले वजन बढ़ने के साथ स्वभाव में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, थकान, भूख से ज्यादा खाना, सिर व पीठ में दर्द, सूजन आदि की समस्या होती है। इन लक्षणों को कम करने में कुछ खास आसन व प्राणायाम मददगार साबित हो सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में-

आमतौर पर लड़कियों में माहवारी शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले वजन बढ़ने के साथ स्वभाव में चिड़चिड़ापन, बेचैनी, थकान, भूख से ज्यादा खाना, सिर व पीठ में दर्द, सूजन आदि की समस्या होती है। इसकी मुख्य वजह प्रमुख हार्मोन एस्ट्रोजन व प्रोगेस्टेरॉन में असंतुलन होना है। इन लक्षणों को कम करने में कुछ खास आसन व प्राणायाम मददगार साबित हो सकते हैं। आइये जानते हैं इनके बारे में-

सेतुबंधासन -
यह आसन चक्रासन की शुरुआती अवस्था है जिसे आसानी से कर सकते हैं। जो लोग चक्रासन यानी हथेलियों और पंजों के अलावा पूरे शरीर को ऊपर उठाने की प्रकिया को न कर पाएं वे सेतुबंधासन का अभ्यास कर सकते हैं।
ऐसे करें: पीठ के बल लेटकर हाथों को कमर के बराबर में रखकर सामान्य सांस लें। पैरों को घुटनों से मोड़ें व हाथों को कमर के नीचे से ले जाते हुए एडिय़ों को पकड़ लें। कंधे व गर्दन को जमीन पर टिकाकर रखें और कमर व कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कुछ देर इसी अवस्था में रहते हुए सामान्य सांस लें। फिर प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
ध्यान रखें: खाली पेट अभ्यास न करें। यदि पूर्व में पेट, कमर या गर्दन से जुड़े सर्जरी हो रखी है तो इसे न करें।

हलासन -
ग्रंथियों की सही कार्यप्रणाली के लिए यह आसन लाभदायक है। नियमित करने से सिर-पीठ दर्द दूर होने के अलावा पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
ऐसे करें: पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को बराबर रखकर दोनों हाथों को कमर के पास रखें। धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। इस दौरान सांस अंदर लेते हुए पेट को सिकोड़ें। अब पैरों को सिर के पीछे लगाएं। पैरों व पीठ को पीछे की ओर मोड़ने के लिए हाथों का सहारा ले सकते हैं। कुछ देर इस स्थिति में रुकें। ध्यान रखें कि घुटने न मुड़ें।
ध्यान रखें : पैरों को पीछे मोड़ने के लिए कमर पर एकदम से जोर न डालें। अधिक वजन वाले धीरे-धीरे आसन करें।

Published on:
27 Jun 2019 04:49 pm