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शरीर के अंगों की लंबाई से जानें अपनी सेहत का हाल

आपके शरीर के अंगों की लंबाई यह बता सकती है कि आप किस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं या नहीं।
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Dec 30, 2019
शरीर के अंगों की लंबाई से जानें अपनी सेहत का हाल
शरीर के अंगों की लंबाई से जानें अपनी सेहत का हाल

अक्सर कहा जाता है कि साइज डज नॉट मैटर, मगर आपकी अच्छी सेहत की बात करें, तो यह बहुत मायने रखता है क्योंकि आपके शरीर के अंगों की लंबाई यह बता सकती है कि आप किस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं या नहीं।

छोटे कान, हो सकते हैं चर्मरोगी-
छोटे और साफ कान देखने में बहुत सुंदर तो लगते हैं, लेकिन इन पर चर्मरोग का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है। यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल लेस्सिटर के ईएनटी सर्जन जॉर्ज मूर्ति की मानें तो छोटे कान का मतलब हुआ कि जो ट्यूब कान के बाहर से अंदर जा रही है, वह भी छोटी होगी, जिससे कान में एक्जिमा होने का खतरा बढ़ जाता है। बाहरी स्किन की तरह कान की ट्यूब की त्वचा भी बदलती है, जिससे पुरानी त्वचा को खत्म होना चाहिए। लेकिन कान के छेद छोटे होने की वजह से ऐसा नहीं हो पाता और इससे खुजली शुरू हो जाती है। यही नहीं छोटे कान यह भी संकेत देते हैं कि आपको किडनी की समस्या हो सकती है। हालांकि इसके पीछे कोई ठोस कारण अब तक सामने नहीं आए हैं।

लंबी उंगलियां, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा -
पुरुषों की उंगलियों की लंबाई प्रोस्टेट कैंसर का संकेत दे सकती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक और इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च ने प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित करीब 1500 व्यक्तियों की उंगलियों की तुलना 3000 स्वस्थ पुरुषों से की। उन्होंने पाया कि जिस व्यक्ति की इंडेक्स फिंगर उसकी रिंग फिंगर से लंबी है, उनमें इस बीमारी की संभावना कम है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ एल्बरटा ने पाया है कि जिनकी इंडेक्स फिंगर लंबी होती है, वे डिप्रेशन के ज्यादा शिकार होते हैं।

पतली थाई, दिल के लिए खतरनाक-
मोटी थाई को पतला करने के चक्कर में लोग जिम में पसीना बहाते हैं। मगर डेनमार्क में हुई एक स्टडी की मानें तो पतली थाई से दिल का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में दिल की बीमारी होने और समय से पहले मृत्यु का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञानुसार इसके पीछे लो मसल मास है, जो इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
30 Dec 2019 01:29 pm