
कान में पानी चले जाने पर हम अंगुली के सहारे उसे निकालने की कोशिश करते हैं या घंटों गर्दन टेढ़ी किए बैठे रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई बार व्यक्ति के कान में पानी जाता नहीं है बल्कि उसे सिर्फ एहसास होता रहता है। वैसे अगर पानी चला भी जाए तो खुद-ब-खुद निकल आता है।
पानी जाने पर किसी चीज के जरिए उसे निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए वर्ना कान में संक्रमण का खतरा हो सकता है। ज्यादा तकलीफ हो या कान में किसी अन्य प्रकार का रोग हो तो विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। स्वीमिंग करते समय कान में ईयर प्लग लगा सकते हैं लेकिन जिनके कान के पर्दे में छेद हो या कान से मवाद आती हो, उन्हें स्वीमिंग नहीं करनी चाहिए।
कान में गए पानी को बाहर निकालने के लिए ड्रायर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ड्रायर को कान से कुछ दूरी पर रखें। हीट और ब्लो को कम करके इससे कान में हवा फ्लो करें। कुछ देर तक एेसा करें। हीट को ज्यादा तेज न करें। जरूरत के हिसाब से प्रक्रिया को दोहराएं।