
Mosquito killers: मच्छर को भगाने और मारने के लिए घरों में इस्तेमाल होने वाली मच्छरनाशक कॉइल, मैट और लिक्विड में खतरनाक रसायन होते हैं। ये रसायन आसपास मौजूद लोगों के अलावा गर्भ में पल रहे शिशु को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसके दुष्प्रभाव से शिशु अपंग पैदा हो सकता है। जानिए कैसे करें बचाव-
ऐसे करता है नुकसान -
मच्छरनाशक में पाइरेथ्रॉइड होता है। यह खतरनाक कीटनाशक है जो कई जेनेटिक बीमारियों को जन्म देता है। यह गर्भ में पल रहे भू्रण के जीन (क्रोमोसोम) में गड़बड़ी करता है जिस कारण शिशु के अंगों का विकास रुक जाता है और वह अपंग पैदा हो सकता है।
बच्चे-बड़े दोनों प्रभावित -
आसपास रसायनों की उपस्थिति से छोटे बच्चों में एलर्जी के कारण सांस संबंधित रोग जैसे अस्थमा और खांसी की समस्या हो सकती है। बड़ों में इसका असर कम होता है, लेकिन लंबे समय तक इसका इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। चक्कर आना, सिरदर्द, थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अधिक प्रयोग से दिमाग के साथ पूरे शरीर पर असर पड़ता है।
ध्यान रखें -
सोते समय मच्छरदानी प्रयोग करें। शरीर ढककर रखें, हल्के रंग के कपड़े पहनें व घर में तुलसी का पौधा लगाएं।
नीम के तेल में कपूर मिलाएं व इसका दीया जलाएं, मच्छर दूर रहेंगे।
स्प्रे न करें। इसके केमिकल सांस के जरिए शरीर में जाते हैं और ब्लड में मिलकर भू्रण तक पहुंचते हैं।