बॉडी एंड सॉल

दिमाग नहीं, दिल से मुस्कुराइए, तभी मिलेगा पूरा फायदा

दिमाग नहीं, दिल से मुस्कुराएं। इसे इमोशनल स्माइल कहते हैं। इससे शरीर में कॉर्टिसॉल हॉमोन की मात्रा घटती है और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
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Oct 06, 2019
smile

मुस्कुराने से दिमाग के न्यूरॉन्स सिंक्रोनाइज होते हैं। इसलिए यदि किसी बात कर रहें है तो सामने वाला भी मुस्कुराने लगता है। मुस्कुराने से तनाव घटता है। मूड अच्छा रहता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे ब्लड प्रेशर भी सामान्य रहता है। फील गुड होता है। डिप्रेशन की आशंका घटती है। जब मुस्कराते हैं तो शरीर में कुछ ऐसे हॉमोन भी स्रावित होते हैं जो एंटी एजिंग का काम करते हैं।
रक्तसंचार
स्माइल से चेहरे की मांसपेशियां (जाइको मेटिकस मेजर-माइनर) की एक्सरसाइज होती है। तेज हंसने से गले की मांसपेशियों की भी एक्सरसाइज होती है। इससे रक्त संचार बढऩे से त्वचा चमकदार रहती है।
इसलिए पड़ते हैं डिम्पल : जब चेहरे की मांसपेशियां (जाइको मेटिकस मेजर-माइनर) दो भागों में डिवाइड होती हैं तो इस कारण मुस्कुराते समय गाल में डिम्पल पड़ते हैं। यह बचपन में ही दो भागों में डिवाइड हो जाती है। आर्टिफिसियल डिंपल के लिए लोग सर्जरी भी कराते हैं।

एक्सपर्ट : डॉ. लीनेश्वर हर्षवर्धन, सीनियर फिजिशियन, जयपुर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
06 Oct 2019 09:31 pm
Published on:
06 Oct 2019 09:31 pm