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नर्वस सिस्टम को दुरूस्त रखेंगे ये फूड

नर्वस सिस्टम पर हमारे शरीर के कंट्रोल और विभिन्न आंतरिक अंगों के परस्पर कम्यूनिकेशन का दारोमदार होता है।
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May 07, 2018
These foods

नर्वस सिस्टम पर हमारे शरीर के कंट्रोल और विभिन्न आंतरिक अंगों के परस्पर कम्यूनिकेशन का दारोमदार होता है। इसलिए शरीर की कार्यप्रणाली को दुरूस्त रखने के लिए इसका मजबूत होना बेहद जरूरी है। कई बार इंज्यूरी, बीमारी या शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी की वजह से यह कमजोर या क्षतिग्रस्त हो जाता है। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ इसे सपोर्ट देने वाला फूड लेना भी जरूरी है। ये फूड नव्र्स की कार्यप्रणाली को चुस्त दुरूस्त करने में मददगार होते हैं-

दालचीनी
यह नर्वस सिस्टम को रिजुवनेट करती रहती है और न्यूरोलॉजिकल्स डिसऑर्डर्स को दूर रखती है।

क्रूसीफेरस वेजीटेबल्स
ब्रोकोली, फूलगोभी और ब्रुसेल्स स्प्राउट में विटामिन बी-6 प्रचुर मात्रा में होता है। यह नर्व फंक्शन के लिए फायदेमंद होता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां
पत्तेवाली हरी सब्जियां (पालक, मेथी अन्य साग) पोषक तत्वों व विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन सी, विटामिन ई, मैग्नीशियम एवं एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होती हैं। ये ब्रेन और नर्वस सिस्टम की एजिंग को स्लो करती हैं और हमें स्वस्थ रखती हैं।

लहसुन
लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट व एंटी एजिंग तत्व भरपूर होते हैं। ये नव्र्स को डैमेज होने से बचाते हैं।

ग्रीन टी
ग्रीन टी का नियमित सेवन नर्वस सिस्टम के लिए काफी लाभकारी होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह ब्रेन की एजिंग स्लो करती है।

कद्दू के बीज
मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन, जिंक और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट शरीर औऱ दिमाग को फ्री रैडिकल्स के डैमेज से बचाते हैं।

हल्दी
करक्यूमिन का समृद्ध स्रोत हल्दी इन्फ्लेमेशन से नर्वस सिस्टम की रक्षा करती है। यह एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती है।

ओटमील
यह नर्वस सिस्टम को फाइबर, प्रोटीन और एनर्जी देकर उसका पोषण करता है। इसमें विटामिन बी, के, सेलेनियम और आयरन होता है। इनसे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याओं से छुटकारा मिलकर एकाग्रता भी बढ़ती है।

नट्स
बादाम, अखरोट, पिस्ता, खूबानी आदि नट्स प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड से भरे होते हैं। ये ब्रेन के फंक्शन को दुरूस्त करते हैं और नर्वस सिस्टम पर पॉजिटिव इफेक्ट डालते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
07 May 2018 12:36 am