बॉडी एंड सॉल

योग स्पेशल : इन भ्रमों को कहीं आप भी सच तो नहीं मानते

वर्ष 2015 में 21 जून को विश्व योग दिवस की शुरुआत होने के बाद से लोगों में योग के प्रति जागरुकता बढ़ी है। लेकिन आज भी कई लोग ऐसे हैं जिनके जेहन में कई तरह के भ्रम मौजूद हैं। जानते हैं कुछ आम भ्रांतियां और इनसे जुड़ी सच्चाई -
2 min read
Jun 21, 2019
yoga day
योग स्पेशल : इन भ्रमों को कहीं आप भी सच तो नहीं मानते

भ्रम : योग करने के लिए शरीर का लचीला होना जरूरी है?
सच : जरूरी नहीं कि योग के लिए आपका शरीर लचीला हो। यदि नियमित योगासन करने के बावजूद भी शरीर लचीला नहीं हुआ है तो हो सकता है आप सही तरीके से योग न कर रहे हों। योग का मुख्य काम ही शरीर में अकडऩ दूर कर दर्द में कमी और लचीलापन लाना है। वैसे लचीला शरीर रोगमुक्त होने का संकेत होता है।
भ्रम : योग के तहत की गई क्रियाओं से से धीरे-धीरे फायदा होता है।
सच : असल में वर्कआउट का सीधे तौर पर असर मांसपेशियोंं और हड्डियों पर होता है। जिससे तेजी से शरीर पर असर दिखता है। योग का प्रभाव सबसे पहले मस्तिष्क पर होता है। जिससे शरीर में मौजूद छह चक्र (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूरक, अनाहत, विशुद्धि व आज्ञा) उत्तेजित व सकारात्मक सोच बनती है। इन चक्रों को ऊर्जा की कुंडली भी कहते हैं। इससे ग्रंथियों का कार्य सुचारू होता है।
भ्रम : योगासन का अर्थ केवल स्ट्रेचिंग है।
सच : ऐसा नहीं है। योगासन, योग और आसन शब्द से मिलकर बना है। इसके तहत प्राणायाम आदि करने से मानसिक शांति मिलती है और आसन व मुद्राओं को बनाने से शारीरिक स्तर पर फायदा होता है।
भ्रम : भोजन करने के तुरंत बाद योगाभ्यास नहीं करना चाहिए।
सच : सही, भोजन के तुरंत बाद रक्तसंचार शरीर के अन्य अंगों के बजाय पाचनतंत्र की ओर अधिक होता है। भोजन को पचने में 3-4 घंटे लगते हैं। जिससे शरीर में योग के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती।
भ्रम : योग से ज्यादा वजन कम नहीं होता है?
सच : किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी से एंडोक्राइन गं्रथि सक्रिय होती है। इससे चर्बी घटने लगती है और साथ ही अधिक वजन में भी कमी आती है। आनुवांशिक बीमारियों, खानपान व जीवनशैली की वजह से वजन कम हो सकता है।

एक्सपर्ट : प्रतिष्ठा शर्मा, योग विशेषज्ञ, नई दिल्ली

Published on:
21 Jun 2019 06:05 am