Anita Advani On Rajesh Khanna Death: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रहे राजेश खन्ना की मौत को सालों बीत गए लेकिन एक्ट्रेस अनीता आडवाणी के दिल में आज भी उनके लिए उतना ही सम्मान है। अनीता ने अब उन्हें लेकर बात की है।
Anita Advani On Rajesh Khanna Death: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के निधन के सालों बाद अभिनेत्री अनीता आडवाणी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने 12 साल लंबे रिश्ते, कानूनी विवादों और सम्मान की लड़ाई पर खुलकर बात की है।
हिंदी सिनेमा में जब भी सुपरस्टार का जिक्र होता है तो सबसे पहले नाम राजेश खन्ना का आता है। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस सितारे के जाने के बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई सवाल उठे। अब अभिनेत्री अनीता आडवाणी ने उन सवालों और अपने संघर्ष पर अच्छे से बात की है। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई संपत्ति के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन के लिए है।
अनीता आडवाणी ने विक्की लालवानी के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए दावा किया है कि वो राजेश खन्ना के जीवन के आखिरी वर्षों में उनके साथ रहीं। उस समय अभिनेता अपनी पत्नी डिंपल कपाड़िया से अलग रह रहे थे, हालांकि कानूनी तौर पर दोनों का रिश्ता कायम था। अनीता का कहना है कि उन्होंने हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ निभाया और निजी जीवन में एक मजबूत सहारा बनी रहीं।
उनके मुताबिक, 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। जिस घर और जीवनशैली का वो हिस्सा थीं, वह अचानक उनसे दूर हो गया। लेकिन उनका कहना है कि वह आलीशान जिंदगी की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि वही गरिमा चाहती हैं जिसके साथ वह पहले रहती थीं।
अनीता आडवाणी ने यह भी कहा कि उन्हें आज तक राजेश खन्ना की वसीयत देखने का अवसर नहीं मिला। उनका दावा है कि उन्हें जानकारी है कि वसीयत में कई लोगों के नाम शामिल थे, लेकिन उन्हें कभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं दिखाया गया। यही कारण है कि अभिनेता की संपत्ति को लेकर समय-समय पर विवाद और अटकलें सामने आती रही हैं।
राजेश खन्ना की विरासत और संपत्ति को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन अनीता के हालिया बयान ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। उनका कहना है कि यह लड़ाई पैसों से ज्यादा आत्मसम्मान की है।
अनीता आडवाणी ने अपने और राजेश खन्ना के रिश्ते पर एक किताब भी लिखी थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकाशन से पहले किताब की प्रस्तावना के कुछ हिस्सों को हटा दिया गया। इतना ही नहीं, प्रमोशन के दौरान भी कई गड़बड़ियां हुईं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि किताब में एक जगह राजेश खन्ना का नाम गलत छप गया। बताया गया कि यह त्रुटि संपादन के दौरान हुई, जिसके लिए एक इंटर्न और जनरेटिव एआई के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराया गया। इस घटना ने प्रकाशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए।
राजेश खन्ना के निधन को एक दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अनीता आडवाणी का संघर्ष अब भी जारी है। उनका कहना है कि वह किसी महल या ऐश्वर्य की मांग नहीं कर रहीं। वह केवल इतना चाहती हैं कि उन्हें वह सम्मान मिले जिसकी वह खुद को हकदार मानती हैं।
हिंदी सिनेमा के इतिहास में राजेश खन्ना का नाम हमेशा चमकता रहेगा, लेकिन उनकी निजी जिंदगी से जुड़े ये अनसुलझे पहलू आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। अनीता आडवाणी के ताजा बयान ने एक बार फिर उस अध्याय को खोल दिया है, जो शायद अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ।