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चुस्त-दुरुस्त रहना है तो बस करिए ये काम, ‘नदी समीपे ध्यानम’ से होता है ढेरों लाभ

Health News: 43 की उम्र में भी एक्ट्रेस सेलिना जेटली कैसे इतना फिट और तंदुरुस्त रहती हैं, इसका राज खुल गया है। आप भी फिट रह सकते हैं!

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May 27, 2025
‘नदी समीपे ध्यानम’ करती दिखीं एक्ट्रेस सेलिना जेटली

Celina Jaitley: अभिनेत्री सेलिना जेटली 43 साल की उम्र में भी फिटनेस और लाइफस्टाइल की मिसाल हैं। इसका श्रेय वे अपनी नियमित ध्यान, योग और संतुलित दिनचर्या को देती हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो साझा किया है, जिसमें वे एक नदी के किनारे ध्यान और प्राणायाम करती नजर आ रही हैं।

सेलिना उन चुनिंदा सेलेब्रिटीज में शामिल हैं जो अपने फॉलोअर्स को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं और अक्सर योग, मेडिटेशन और वेलनेस से जुड़ी पोस्ट शेयर करती रहती हैं।

‘नदी समीपे ध्यानम’ करती दिखीं एक्ट्रेस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लेटेस्ट वीडियो को शेयर करते हुए सेलिना ने कैप्शन में लिखा, “नो फिल्टर बस अपने स्वरूप में टिके रहना। ऊपर सूर्य, बगल में बहती जलधारा और भीतर आत्मा के साथ पूरे ब्रह्मांड को आभार अर्पित करते हुए।”

शेयर किए गए वीडियो में सेलिना सूर्य प्रणाम करती नजर आईं। वीडियो में लिखा है, “नदी समीपे ध्यानम।”

‘नदी समीपे ध्यानम’ के फायदे

नदी के किनारे ध्यान लगाना एक प्राचीन और अत्यंत प्रभावशाली साधना मानी जाती है। यह अभ्यास न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि एकाग्रता को भी बेहतर बनाता है। जब हम प्रकृति की गोद में, बहती नदी के शांत वातावरण में ध्यान करते हैं, तो मन का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। यह अभ्यास मानसिक थकान, तनाव और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से राहत देने में भी मदद करता है, साथ ही ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराता है।

इसी तरह, सूर्य नमस्कार (सूर्य प्रणाम) एक संपूर्ण योग क्रिया है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसके नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में लचीलापन बढ़ता है, और मांसपेशियां सशक्त होती हैं। सूर्य नमस्कार में कुल 12 योग मुद्राएं होती हैं, जो मिलकर शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

इन 12 मुद्राओं में शामिल हैं:

प्रणामासन (प्रार्थना मुद्रा)
हस्त उत्तानासन (हाथों को ऊपर उठाना)
हस्त पादासन (पैरों को छूना)
अश्व संचालनासन (एक पैर पीछे ले जाना)
अधो मुख श्वानासन (पर्वतासन)
अष्टांग नमस्कार (आठ अंगों से प्रणाम)
भुजंगासन (सर्प मुद्रा)
अधो मुख श्वानासन
अश्व संचालनासन
हस्त पादासन
हस्त उत्तानासन
प्रणामासन

इन आसनों के सही अभ्यास से पीठ, कंधे और पैरों के पुराने दर्द में राहत मिलती है, पूरे शरीर का रक्त संचार बेहतर होता है, और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। यह योग क्रिया न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करती है।

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