टीम लीडर को नकारात्मक मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि प्रबंधकों को कर्मचारियों के बारे में नेगेटिव मार्किंग से बचना चाहिए।
बकिंघम की पुस्तक ‘द फीडबैक फॉलसी’ अप्रेल में प्रकाशित हो रही हैं। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में इस पुस्तक पर आए लेख में लिखा है कि स्पष्ट प्रतिक्रिया देने वाले टीम लीडर्स को ज्यादा काम करने की जरूरत होती है। बिना शोध मूल्यांकन मुश्किल है। टीम लीडर को नकारात्मक मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि प्रबंधकों को कर्मचारियों के बारे में नेगेटिव मार्किंग से बचना चाहिए।
प्रबंधन गुरु माक्र्स बकिंघम का मानना है कि टीम लीडर या प्रबंधकों को कर्मचारियों के लिए सख्त और स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए। फीडबैक में नकारात्मक बातें लिखना गलत हो सकता है जबकि इससे पहले ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के सीईओ रे डैलियो के ‘सिद्धांत’ और किम स्कॉट के ‘रेडिकल कैंडर’ का मानना था कि फीडबैक में सभी जानकारियां देनी चाहिए।
‘द फीडबैक फॉलसी’ किताब में लिखा है कि कंपनियों को कर्मचारी की ताकत पर ध्यान देना चाहिए, न की कमजोरियों और पारंपरिक प्रदर्शन समीक्षा के साथ समस्याओं पर। टीम लीडर को नकारात्मक मूल्यांकन से भी बचना चाहिए।
बकिंघम कहते हैं, कंपनियों के सामने भी समस्या रहती हैं। उनको लगता है कि कमर्चारी रास्ता भटक सकते हैं या उसपर से नियंत्रण खत्म हो सकता है। बकिंघम कहते हैं कि प्रबंधकों को कर्मचारियों से बेहतर प्रदर्शन जरूरी है। कई बार किसी स्रोत से पता चलता है कि कर्मचारी अच्छा काम नहीं कर रहा है या फिर उसका परिणाम अच्छा नहीं है तो उसको समझाएं। उन्हें बताएं कि प्रतिस्पद्र्धा का दौर है हम पिछड़ सकते हैं।
बकिंघम की मानें तो उत्कृष्टता का हमारा सिद्धांत गलत है। हमें लगता है कि उत्कृष्टता से ही सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है लेकिन वास्तव में इससे कोई फर्क नहीं पड़़ता है। यह वास्तविक दुनिया को कमजोर करती है। आप किसी ऐसे व्यक्ति को देखते हैं, जो उत्कृष्टता प्राप्त करता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं कर सकता है। बकिंघम का कहना है कि 40 साल के शोध बताते हैं कि हम कुछ समय में ही किसी व्यक्ति का मूल्यांकन नहीं कर सकते हैं। इसलिए किसी की आलोचना करने से बचना चाहिए।
क्या करें टीम लीडर
प्रबंधकों को नकारात्मक फीडबैक देने की बजाए तथ्यों से अवगत कराना चाहिए जो उन्हें नहीं पता है। जिस वजह से वे गलत काम कर रहा है। सकारात्मक बातें बताएं। बकिंघम कहते हैं कि सबसे अच्छा प्रबंधक वह सब जानता है जो सबसे अच्छे न्यूरोसाइंटिस्ट को पता होता है। जैसे बच्चा कोई गलती करता है तो आप कैसा फीडबैक देते हैं। यह पता लगाने की कोशिश करें कि बच्चा (टीम का सदस्य) कौन है। उन्हें बताइए कि ऐसा क्या किया है, जिसके बारे में प्रतिक्रिया देने की जरूरत पड़ रही है। यही सिखाने का अच्छा तरीका होगा।
वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत