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मुख्यमंत्री ममता ने किया 49वें अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला का उद्घाटन

कोलकाता. 49वां अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला गुरुवार से आरंभ हो गया। सॉल्ट लेक स्थित ‘बोई मेला प्रांगण’ (सेंट्रल पार्क मेला ग्राउंड्स) में आयोजित मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया। यह आयोजन 3 फरवरी तक चलेगा। इस बार पहली बार अर्जेंटीना को थीम देश बनाया गया है, जिससे भारत और अर्जेंटीना के सांस्कृतिक संबंधों को […]

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कोलकाता. 49वां अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला गुरुवार से आरंभ हो गया। सॉल्ट लेक स्थित ‘बोई मेला प्रांगण’ (सेंट्रल पार्क मेला ग्राउंड्स) में आयोजित मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया। यह आयोजन 3 फरवरी तक चलेगा। इस बार पहली बार अर्जेंटीना को थीम देश बनाया गया है, जिससे भारत और अर्जेंटीना के सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेष अतिथि के रूप में अर्जेंटीना के लेखक गुस्तावो कंजोब्रे, जर्मनी के राजदूत मारियानो अगुस्तीन काउसीनो तथा बंगाली लेखक स्वप्नमोय चक्रवर्ती उपस्थित रहे। आयकर विभाग और प्रकाशन जगत के अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद थे। मेले में एक हजार से अधिक प्रकाशक और संस्थान भाग ले रहे हैं। अर्जेंटीना मंडप में साहित्य, संस्कृति और इतिहास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। मेले के दौरान कई पुस्तक विमोचन, लेखक संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष दिवसों में 30 जनवरी को वरिष्ठ नागरिक दिवस और 1 फरवरी को बाल दिवस मनाया जाएगा। मेले परिसर में पाठकों के लिए लगभग 1,100 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं और प्रवेश निशुल्क रखा गया है। कोलकाता पुस्तक मेला दुनिया का सबसे बड़ा गैर-व्यावसायिक पुस्तक मेला माना जाता है।

कई नई और उल्लेखनीय भागीदारी का गवाह बना मेला

यह मेला इस बार कई नई और उल्लेखनीय भागीदारी का गवाह बना है। मेले में अमेरिका शामिल नहीं है। वहीं, यूक्रेन पहली बार अपना स्टॉल लगा रहा है। चीन भी 15 वर्ष बाद पुनः भागीदारी कर रहा है। मेले में जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, पेरू और नेपाल सहित लगभग 20 देशों के प्रकाशक और संस्थान भाग ले रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि यूक्रेन की पहली भागीदारी और चीन की वापसी से मेले का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप और व्यापक हो गया है। पश्चिम बंगाल परिवहन विभाग ने मेले में आने-जाने वाले पाठकों और आगंतुकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की है। यह व्यवस्था विशेष रूप से सॉल्ट लेक स्थित मेला प्रांगण तक सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। आयोजकों के मुताबिक अन्य देशों की सक्रिय भागीदारी से पुस्तक मेले का महत्व और आकर्षण बरकरार है।

‘पुस्तक तीर्थ’ के निर्माण की घोषणा, 10 करोड़ रुपए आवंटित

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला के उद्घाटन समारोह में में ‘पुस्तक तीर्थ’ के निर्माण की घोषणा की और इसके लिए तुरंत 10 करोड़ रुपये आवंटित किए। उन्होंने इसे भारत का नंबर वन पुस्तक मेला बताया और कहा कि इसकी चर्चा विश्व स्तर पर होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें भौगोलिक सीमाओं, धर्म और जाति से परे होती हैं और समाज की जीवनरेखा हैं। मेले से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि विपक्ष में रहते हुए भी वह पुस्तक मेले में आती थीं, यहां तक कि आग की घटना के बाद भी उन्होंने मेले का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि जब तक जीवित रहेंगी, पुस्तक मेले में आती रहेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ममता ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 27 लाख लोगों ने मेले का दौरा किया और करीब 23 करोड़ रुपये की पुस्तकों की बिक्री हुई। अगले वर्ष मेले के 50 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, जिसके लिए तैयारियां और उत्साह अभी से शुरू हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आय का एकमात्र स्रोत पुस्तक रॉयल्टी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी वेतन राशि छोड़ दी है और वर्षों से सरकारों को बड़ी रकम दान करती रही हैं।

मेले में कई हस्तियां सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में साहित्य, प्रकाशन और आयोजन से जुड़े कई व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह सम्मान उन हस्तियों को दिया गया है जिन्होंने पुस्तक मेले के संचालन और विकास में उल्लेखनीय योगदान किया है।