कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से जुड़े विवाद और कर्ज के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल पर राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए धरना दे रही थीं और व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति का स्वागत नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि जब मणिपुर लंबे समय तक हिंसा से जूझ रहा था, जब आदिवासी महिलाओं को सड़कों पर नग्न घुमाया गया और एक पूरा समुदाय न्याय की मांग कर रहा था, तब राष्ट्रपति मौन रहीं। उन्होंने पूछा कि क्या यह हर आदिवासी, हर महिला और हर नागरिक का अपमान नहीं था। जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, तब भारत की राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की प्रथम नागरिक को उनकी जाति के कारण इस राष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रखा गया। इसी तरह नए संसद भवन के उद्घाटन के समय भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि यह लोकतंत्र के मंदिर का उद्घाटन था। अभिषेक ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल राष्ट्रपति के अधिकार के तहत काम करते हैं और हर आदेश तथा तैनाती संवैधानिक रूप से उनके अधिकार क्षेत्र में आती है।