
सीएम ममता बनर्जी और महुआ मोइत्रा (Photo-IANS)
Mahua Moitra statement controversy: बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच टीएमसी नेता और पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान वायरल हो रहा है। सीएम ममता बनर्जी के सामने TMC नेता मोइत्रा ने कहा कि जो लोग तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं हैं, वे बंगाली नहीं हैं और उन्हें बंगाल में रहने का कोई हक नहीं है। मोइत्रा के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी ने पूछा कि जो लोग ममता बनर्जी की पार्टी की विचारधारा नहीं मानते, क्या वे बंगाली नहीं हैं?
दरअसल, टीएमसी की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा ने पार्टी के मंच से कहा कि जो लोग ममता बनर्जी के साथ खड़े नहीं हैं, वे बंगाली नहीं हैं। ऐसे लोगों को बंगाल की धरती पर रहने का कोई हक नहीं है। वहीं, इस दौरान सीएम ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।
टीएमसी नेता मोइत्रा का बयान वायरल होने के बाद विपक्ष ने निशाना साधा है। उन्होंने इसे तानाशाही मानसिकता वाला बयान बताया है। वहीं बीजेपी ने इसे लोकतंत्र की हत्या भी करार दिया।
बीजेपी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी प्रदेश के लोगों को धमका रही है। साथ ही कहा कि अगर टीएमसी के साथ नहीं होने वाले लोग बंगाली नहीं हैं, तो क्या 2024 के चुनावों में टीएमसी को वोट नहीं देने वाले 55 प्रतिशत लोग प्रदेश के नहीं हैं? क्या उन लोगों ने प्रदेश में रहने का अधिकार खो दिया है?
वहीं बीजेपी ने टीएमसी पर बंगाली होने का सर्टिफिकेट बांटने का भी आरोप लगाया है। विपक्षी पार्टी ने कहा कि जहां एक तरफ टीएमसी लोगों को बंगाली होने का सर्टिफिकेट बांट रही है, वहीं दूसरी तरफ गैर-बंगाली और बाहरी लोगों को यहां से सांसद बनाया जा रहा है। यहां तक कि पार्टी को प्रतीक जैन जैसे बाहरी लोग चला रहे हैं।
प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि अभी तक तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इससे पहले राजनीतिक पार्टियों द्वारा तैयारी तेज कर दी गई है। इस बार बीजेपी ममता बनर्जी के किले को भेदने की पूरी तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ ममता एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने के लिए जी-जान लगा रही है। मोदी सरकार को सीएम बनर्जी लगातार एसआईआर को लेकर घेर रही है।
Published on:
09 Mar 2026 08:40 am
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