02.मैंने 10वीं कक्षा में जो भी गुरूजी स्कूल में पढ़ाते थे, उसे में घर पर अच्छे से पढ़कर याद करता था। मैं एक गोल फिक्स कर लेता था, कि आज मुझे ये चैप्टर पूरा करना है, फिर चाहे 4 घंटे लगो या 5। मैंने बोर्ड के पूर्व सालों के पेपर ज्यादा से ज्यादा सोल्व किए। इससे परीक्षा की तरह टाइम मैंनजमेंट व कितना लिख पा रहे आदि का पता चल जाता है। तनाव मुक्त रहने के लिए हर संडे को क्रिकेट खेलता व गाने भी सुनता था।