
घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले, मकानों में पानी भरा
प्रशासन भी सुध लेने नही पहुंचा
नैनवां. माछली बांध पर चली पांच फीट की चादर ने बांध के नीचे बसे गांवों में कहर बरपा दिया। गांवों में बाढ़ से हालात बिगड़े होने के बाद भी प्रशासन को कोई भी अधिकारी गांवों में नहीं पहुंचने से बाढ़ पीडि़तों का प्रशासन के प्रति गहरा रोष देखने को मिला। बाढ पीडि़तों ने कहा कि 36 घंटे बीत गए, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। नैनवां पंचायत समिति के प्रधान पदमकुमार नागर, जिला परिषद सदस्य कन्हैयालाल मीणा दोपहर को सहण गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मिले। प्रधान ने प्रशासन पर गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया
सहण ग्राम पंचायत के बाहर पीडि़तोंं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया। प्रदर्शन करने वालों में जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष उत्तम गौतम सहित अन्य ग्रामीण थे। उपखंड अधिकारी श्योराम का कहना है कि बुधवार को हालात की जानकारी लेने पहुंचे थे लेकिन बरसात से रास्ते बंद होने से मौके पर नहीं पहुंच पाए। गुरुवार को विकास अधिकारी व नायब तहसील को मौके पर भेजने के निर्देश दिए थे। नुकसान को सर्वे करवाया जाएगा।
कालबेलिया बस्ती में आई आफत
नोताड़ा. कस्बे में बुधवार का दिन आफत भरा रहा। गुरुवार को दिनभर बारिश का दौर थमा रहा तो लोग घरों की स्थिति देखने के लिए पहुंच गए। सरपंच रामदेव पहाडिय़ा ने बताया कि बेघर हुए लोगों के लिए सामुदायिक भवन में व्यवस्था कर दी गई है। पटवारी पूरणमल राठौर पीईईओ कविता शर्मा ने भी पीडि़तों के घर पहुंचकर जायजा लिया।
गणेशसागर तालाब फूटा, कालबेलिया बस्ती जलमग्न
इधर ग्राम पंचायत भवन के पास बना गणेश सागर तालाब लक्ष्मीपुरा की ओर से बुधवार रात्रि को टूट गया। जिससे करीब तीन घंटे तक कालबेलिया बस्ती में पानी भरा रहा। उधर देईखेड़ा कस्बे का 52 बीघा का तालाब लबालब होकर बहने से पुलिस थाने के आगे तीन फीट पानी रहा।
इंद्रगढ़. बारिश के चलते पहली बार इंद्रगढ़ कस्बे के गढ़ क्षेत्र व बाहरी कॉलोनियों का इंद्राणी नदी ने संपर्क काट दिया। करीब 6 घंटे तक आपस में संपर्क कटा रहा। इस दौरान निचली बस्तियों में पानी की आवक के चलते मकानों में पानी घुस गया। वहीं इंद्रगढ़ एवं सुमेरगंजमंडी को जोडऩे वाली रियासतकालीन पुलिया पर कई घंटों तक रास्ता जाम हो गया। दौलतपुरा ग्राम पंचायत के महापुरा, ननता, सुनारी, देवपुरा आदि गांव में दो दर्जन कच्चे-पक्के मकान ढह गए। गुरुवार को बारिश कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने मिली जानकारी के अनुसार इंद्रगढ़ क्षेत्र में अब तक 631 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
निचली बस्तियों को खाली किया
रामगंजबालाजी. क्षेत्र के रायथल-ऐबरा गांव के बीच निकल रही कुरेल नदी की पुलिया पर लगभग 25 फीट पानी की आवक होने से गुरुवार को पानी ऐबरा गांव की निचली बस्तियों में पहुंच गया। गांव का 3 दिन से जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। गांव का संपर्क कटने के बाद ऐबरा झुवासा मार्ग पर निकल रहे खाळ में पानी आ जाने से ये मार्ग भी बंद हो गया। वहीं एबरा से बनकाखेड़ा जाने वाले मार्ग पर खाळ में पानी की आवक बढ़ जाने से ये मार्ग भी बंद हो गया। बम्बोरी पंचायत के सरपंच कुलदीप सिंह गौड़, राजेंद्र जोशी ने बताया कि गांव में कोई भी घटना घटित होने के बाद में यहां पर कोई भी प्रशासनिक अमला मौके पर नहीं पहुंच पा रहा।