
Vande Ganga jal Campaign: बूंदी। गंगा दशहरा के अवसर पर गुरुवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जनअभियान' के तहत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने केशवरायपाटन स्थित केशव घाट पर मां चर्मण्यवती (चम्बल नदी) की पूजा अर्चना की। इसके बाद केशवघाट से कोटा की तरफ रंगपुर घाट तक चम्बल नदी को 540 मीटर लम्बी चुनरी ओढ़ाई गई। महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। करीब 2 घंटे तक चले कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में हुए जलसंरक्षण कार्यों का लोकार्पण भी किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से करीब एक घंटे विलम्ब से दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा केशवरायपाटन में चम्बल नदी किनारे बनाए गए हेलीपैड पर पहुंचे। हेलीकॉप्टर से उतरकर पहले उन्होंने मंदिर में जाकर भगवान केशोराय के दर्शन किए। इसके बाद घाट पर ही बनाए गए डोम में सभा को संबोधित किया।
सभा के बाद मुख्यमंत्री ने केशवघाट के किनारे बैठकर चम्बल नदी की पूजा अर्चना की। फिर चुनरी महोत्सव का आयोजन हुआ। चुनरी ओढ़ाने के लिए केशवघाट से रंगपुर घाट तक नदी के दोनों पाटों के बीच 22 नावों को जोड़कर एक साथ कतार में खड़ा किया गया था। आयोजकों की तरफ से 125 साडियों को सिलकर 540 मीटर चुनरी तैयार की गई थी। मुख्यमंत्री ने चुनरी के एक सिरे को हाथ लगाकर कार्यक्रम की शुरूआत की।
इसके बाद चुनरी का सिरा नावों के जरिए आगे बढ़ता गया। रंगपुर घाट पर पहुंचने के बाद चुनरी ओढ़ाने का कार्यक्रम समाप्त हुआ।आचार्य बद्रीनारायण शर्मा के नेतृत्व में 11 पंडितों ने नदी का अभिषेक और पूजन करवाया। आखिरी में महाआरती हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री भरतपुर के लिए रवाना हो गए।
कार्यक्रम में बूंदी के प्रभारी और ऊर्जामंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, बाबूलाल वर्मा, पूर्व विधायक चंद्रकान्ता मेघवाल समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी लाल चुनरी में घाट पर बैठी रही।